क्या ईरान फिर तेज कर रहा परमाणु कार्यक्रम? पिकएक्स माउंटेन को लेकर मोसाद के दावे से बढ़ी चिंता
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का दावा है कि ईरान ने अपने यूरेनियम संवर्धन से जुड़े सेंट्रीफ्यूज को पिकएक्स माउंटेन (माउंट कोलांग) के नीचे बनी भूमिगत सुरंगों में सुरक्षित रखा है। वहीं ईरान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है और कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए है। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मोसाद का दावा, भूमिगत सुरंगों में सुरक्षित हैं सेंट्रीफ्यूज
इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का दावा है कि ईरान ने पिछले वर्ष अपने यूरेनियम संवर्धन सेंट्रीफ्यूज को नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित पिकएक्स माउंटेन की गहरी सुरंगों में स्थानांतरित कर दिया था। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि यह परिसर अत्यधिक सुरक्षित है और भविष्य में परमाणु गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इन दावों की किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में भी हुआ उल्लेख
अमेरिकी अखबार The Wall Street Journal ने इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट प्रकाशित की है कि ईरान ने पिछले संघर्ष के बाद संवेदनशील परमाणु उपकरणों को अधिक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी इजरायल ने अमेरिका के साथ भी साझा की है। रिपोर्ट अधिकारियों के दावों पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
क्या है पिकएक्स माउंटेन और क्यों है अहम?
पिकएक्स माउंटेन (जिसे माउंट कोलांग भी कहा जाता है) नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के निकट स्थित एक भूमिगत परिसर है। विशेषज्ञों के अनुसार यहां गहरी सुरंगों का नेटवर्क मौजूद है, जिन्हें अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है। माना जाता है कि इस परिसर को 2020 में क्षतिग्रस्त हुए सेंट्रीफ्यूज असेंबली केंद्र के विकल्प के रूप में विकसित किया गया था। कुछ सुरक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि इसकी संरचना इसे पारंपरिक बंकर-भेदी बमों से भी अधिक सुरक्षित बना सकती है।
इजरायल की चिंता, ईरान का लगातार इनकार
इजरायली अधिकारियों और कुछ सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इन भूमिगत सुविधाओं का उपयोग भविष्य में यूरेनियम संवर्धन या संवेदनशील परमाणु उपकरणों के भंडारण के लिए किया जा सकता है। दूसरी ओर, ईरान लगातार यह कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा उत्पादन और अन्य शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। तेहरान का दावा है कि उसका परमाणु हथियार विकसित करने का कोई इरादा नहीं है और वह अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी वैश्विक चिंता
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच परमाणु कार्यक्रम एक बार फिर सबसे बड़ा विवादास्पद मुद्दा बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन दावों को लेकर तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और आधिकारिक स्तर पर किसी नए सत्यापित निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।