दिल्ली प्रदर्शन पर हनुमान बेनीवाल का केंद्र पर निशाना, बोले- ‘लाठी नहीं, संवाद से निकले समाधान’
दिल्ली में CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार की कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और पारदर्शिता के माध्यम से सुना जाना चाहिए।
‘सरकार का दोहरा रवैया सामने आया’
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकार एक ओर महिलाओं के सम्मान और युवाओं के भविष्य की बात करती है, जबकि दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं सरकार के दोहरे रवैये को दर्शाती हैं। बेनीवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
‘संवाद ही लोकतंत्र का रास्ता है’
नागौर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति को अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत, पारदर्शिता और संवेदनशील रवैये से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को संबंधित पक्षों से चर्चा करनी चाहिए।
गोविंद सिंह डोटासरा ने भी साधा निशाना
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने वाले युवाओं पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर जवाब देने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक रोकने की कोशिश कर रही है।
CJP प्रतिनिधियों ने जे.पी. नड्डा से की मुलाकात
इसी बीच CJP के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि संगठन के प्रवक्ताओं ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। उनके अनुसार, मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। इस दावे पर सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।