ईरानी हमलों में जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, रक्षा विभाग ने जारी की पहचान
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बीच जॉर्डन में तैनात दो अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने दोनों जवानों की पहचान सार्वजनिक करते हुए बताया कि वे इस्लामिक स्टेट के खिलाफ चल रहे मिशन में सहयोग कर रहे थे। इस घटना के बाद मौजूदा संघर्ष में अमेरिकी सैन्य हताहतों की संख्या बढ़ गई है, जबकि क्षेत्र में सुरक्षा हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
जॉर्डन में तैनाती के दौरान दो सैनिकों की मौत
अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि जॉर्डन में मारे गए सैनिकों की पहचान हवाई के रहने वाले 25 वर्षीय फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहन और टेक्सास की 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेज के रूप में हुई है। दोनों सैनिक अमेरिका के उस सैन्य अभियान का हिस्सा थे, जो क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ चलाया जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, दोनों की मौत ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान हुई। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक उनकी मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
संघर्ष में बढ़ता अमेरिकी सैन्य नुकसान
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के साथ जारी संघर्ष के दौरान अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। इससे पहले फरवरी के अंत में कुवैत स्थित एक बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले में छह सैनिक मारे गए थे। ये सभी सैनिक सप्लाई और लॉजिस्टिक्स यूनिट में तैनात थे और एक अस्थायी कार्यस्थल पर मौजूद थे, जहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए हमले में घायल एक अन्य सैनिक की बाद में मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हमलों ने अमेरिकी सैन्य अभियानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
हादसों और अभियानों में भी गई कई सैनिकों की जान
मार्च के दौरान इराक में अमेरिकी वायुसेना का KC-135 रीफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें छह सैन्यकर्मियों की मौत हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया था कि विमान मित्र देशों के नियंत्रित हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहा था और दुर्घटना की जांच की गई। वहीं हाल ही में अरब सागर में अमेरिकी नौसेना का एक हेलीकॉप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें एक पायलट की जान चली गई। शुरुआती जांच में नौसेना ने कहा कि हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग या दुर्घटना के पीछे किसी दुश्मन की कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं, जबकि अन्य तीन नौसैनिकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
ईरान ने भी भारी जनहानि का किया दावा
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह के दौरान अमेरिकी सैन्य हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ईरान के अनुसार, हाल के दिनों में एक पुल पर हुए हमले में आठ लोगों की जान गई थी। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य कार्रवाई से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष जल्द नहीं थमा तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है।