गुंटूर में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को अस्पताल में बेसहारा छोड़ गए परिजन, 12 घंटे बाद शुरू हुआ इलाज
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सरकारी अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर छोड़ दिया गया। कई घंटों तक कोई परिजन वापस नहीं लौटा, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला का इलाज शुरू कराया। अब अस्पताल और पुलिस महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर छोड़कर चले गए परिजन
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह कुछ लोग एक बुजुर्ग महिला को गुंटूर के सरकारी जनरल अस्पताल (GGH) लेकर पहुंचे। महिला को आपातकालीन विभाग के प्रवेश द्वार पर स्ट्रेचर पर लिटाने के बाद वे वहां से चले गए। शुरुआत में अस्पताल कर्मचारियों को लगा कि परिजन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने गए हैं, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी कोई वापस नहीं आया। इसके बाद आशंका जताई गई कि महिला को जानबूझकर वहीं छोड़ दिया गया।
पहचान नहीं होने से इलाज में हुई देरी
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, महिला बोलने की स्थिति में नहीं थी और उसके पास कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज भी नहीं थे। परिजनों की अनुपस्थिति और आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी। बाद में आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करते हुए महिला को उपचार उपलब्ध कराया गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इलाज शुरू कर दिया गया है।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया
मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। अस्पताल अधीक्षक के निर्देश पर मेडिकल टीम ने बुजुर्ग महिला को वार्ड में भर्ती किया और उपचार शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि महिला की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसे आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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पुलिस और अस्पताल महिला की पहचान में जुटे
अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस मिलकर महिला की पहचान तथा उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। आसपास के क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि महिला के परिवार तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
बुजुर्गों की देखभाल को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने बुजुर्गों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और उचित देखभाल मिलना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी लावारिस या असहाय व्यक्ति की जानकारी मिले तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित करें।
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