मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी का संदेश, बोले- तर्क और तथ्यों के साथ हो सार्थक चर्चा
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के सांसदों से रचनात्मक और तथ्य आधारित चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां होने वाली सार्थक बहस देशहित में महत्वपूर्ण फैसलों का मार्ग प्रशस्त करती है। प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक प्रगति, तकनीकी उपलब्धियों और नवाचार का भी उल्लेख करते हुए भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान पर भरोसा जताया।
‘तर्क और तथ्यों से मजबूत बने सदन की चर्चा’
मानसून सत्र शुरू होने से पहले संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद की कार्यवाही लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें सभी दलों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन में तर्क, तथ्य और सकारात्मक सोच के साथ चर्चा होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक सांसद का अनुभव देश के लिए मूल्यवान है और यदि सभी मिलकर राष्ट्रहित के मुद्दों पर विचार करेंगे तो महत्वपूर्ण निर्णय लेने में आसानी होगी। उन्होंने सभी सांसदों से स्वस्थ संवाद और रचनात्मक बहस में भाग लेने का आग्रह किया।
मानसून और मानसून सत्र को बताया देश के लिए लाभकारी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मानसून और संसद के मानसून सत्र की तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार अच्छी बारिश देश के लिए लाभदायक होती है, उसी तरह सार्थक संसदीय चर्चा भी राष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों सकारात्मक रूप से सक्रिय रहें तो इसका लाभ पूरे देश को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कामना की कि इस बार का मानसून भी कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए अनुकूल रहे तथा संसद का सत्र भी देशहित में उपयोगी निर्णयों का माध्यम बने।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मजबूती का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में लगातार संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिनका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव का प्रभाव भारत पर भी पड़ा, फिर भी देश ने आर्थिक विकास की गति बनाए रखी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारत की विकास दर मजबूत रही, जो देश की आर्थिक क्षमता और नीतिगत मजबूती को दर्शाती है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह उपलब्धि देशवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन और तकनीकी उपलब्धियों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने देश में हाल के वर्षों में हुई तकनीकी और औद्योगिक प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हाल ही में देश की बड़ी रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की गई है। इसके साथ ही भारत में ग्रीन हाइड्रोजन से संचालित ट्रेन की शुरुआत भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीक दुनिया के चुनिंदा देशों के पास है और भारतीय इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, श्रमिकों तथा उद्यमियों के प्रयासों से देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
युवा स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री ने भारतीय युवाओं की नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि देश के स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और युवा वैज्ञानिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि कम उम्र के इंजीनियर और उद्यमी भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। उनके अनुसार, इन सफलताओं से देश के युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और दुनिया में भारत की साख लगातार मजबूत हो रही है।