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दतिया उपचुनाव में विरोध के बीच भाजपा का भरोसा, कैलाश बोले- भारी मतों से जीतेंगे आशुतोष

दतिया उपचुनाव: हिंसा के बीच कैलाश का जीत का दावा

मध्यप्रदेश के दतिया उपचुनाव में टिकट को लेकर भाजपा के भीतर बढ़े विरोध और हिंसक घटनाओं के बीच पार्टी नेतृत्व ने जीत का भरोसा जताया है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि संगठन के सभी नेता और कार्यकर्ता अंततः एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे तथा भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। दूसरी ओर, टिकट नहीं मिलने से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के विरोध ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।

विरोध के बीच कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान

दतिया उपचुनाव में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा कि पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था है और सभी कार्यकर्ता अनुशासित हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ नेताओं से बातचीत के बाद सभी मतभेद दूर हो जाएंगे। विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को संगठन का पूरा समर्थन मिलेगा और वे भारी मतों के अंतर से चुनाव जीतेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का हर फैसला व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया जाता है।

टिकट विवाद के बाद दतिया में हुआ विरोध प्रदर्शन

भाजपा द्वारा दतिया सीट से आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। विरोध के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और कुछ जगहों पर हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों ने लंबा जाम लगाया, जबकि पुलिस के साथ झड़प और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

‘पार्टी में सभी को टिकट नहीं मिल सकता’

कैलाश विजयवर्गीय ने टिकट वितरण को लेकर कहा कि विधानसभा की सीमित सीटों के मुकाबले बड़ी संख्या में नेता चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं। ऐसे में हर इच्छुक व्यक्ति को टिकट देना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन की रणनीति के अनुसार उम्मीदवारों का चयन करती है और वरिष्ठ नेता भी अंततः संगठन के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि नरोत्तम मिश्रा भी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव प्रचार करेंगे।

नरोत्तम मिश्रा का लंबा राजनीतिक सफर

नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति और भाजपा युवा मोर्चा से की थी। कई बार विधायक रहने के साथ-साथ वे राज्य सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। दतिया क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार से करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि और राजनीतिक चुनौती

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस विधायक की सदस्यता समाप्त होने के बाद हो रहा है। भाजपा ने इस बार पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इसी निर्णय के बाद पार्टी के भीतर असंतोष उभरकर सामने आया। अब भाजपा नेतृत्व के सामने एक ओर संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक तौर पर भुनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के दौरान यह मुद्दा अहम बना रह सकता है।

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