होर्मुज पर ईरान ने मानी गलती? ट्रंप टीम से निजी बातचीत का दावा, ओमान वार्ता पर टिकी नजरें
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने कूटनीतिक हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने निजी बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों को गलती बताया है। हालांकि, इस दावे की ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट में क्या दावा?
अमेरिकी मीडिया संस्थान CBS News ने अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि ईरानी प्रतिनिधियों ने ट्रंप प्रशासन के सलाहकारों से बंद कमरे में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला नहीं होना चाहिए था। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यह भी कहा कि इन घटनाओं के पीछे एक कट्टरपंथी और अनियंत्रित गुट था, जो दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत को पटरी से उतारना चाहता था।
सार्वजनिक माफी चाहता है अमेरिका
रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस चाहता है कि ईरान केवल निजी तौर पर नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से भी इस घटना को गलती स्वीकार करे। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जहाजों पर हमले युद्धविराम की भावना के खिलाफ थे और ईरान को खुले तौर पर अपनी प्रतिबद्धता जतानी चाहिए।
ओमान में फिर होगी अहम वार्ता
बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआती कड़े रुख के बाद वार्ता जारी रखने का फैसला किया है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और जेरेड कुशनर शामिल बताए गए हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच ओमान में होने वाली बैठक से तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
होर्मुज खुला रखने का भरोसा चाहता है अमेरिका
अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दे कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रहेगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि ईरान की ओर से आक्रामक गतिविधियां जारी रहीं तो सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सकता है।
ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले अमेरिका पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया था। वहीं, इस पूरे मामले पर तेहरान की ओर से अभी तक सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस बीच, तनाव कम कराने और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी ईरान पहुंचा है।