बेंगलुरु में 13 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध आत्महत्या, स्कूल की पूछताछ जांच के घेरे में
बेंगलुरु के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा की कथित आत्महत्या के बाद पूरे मामले की जांच तेज हो गई है। परिवार का आरोप है कि स्कूल में एक शिक्षक को निकनेम दिए जाने के मामले में छात्रा से लगातार पूछताछ की गई, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हो गई थी। पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु (UDR) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
क्लासरूम की घटना के बाद शुरू हुई पूछताछ
पुलिस के अनुसार, कक्षा 8 की छात्रा और उसकी कुछ सहपाठियों ने कथित तौर पर एक शिक्षिका के लिए निकनेम का इस्तेमाल किया था। मामला स्कूल प्रशासन तक पहुंचने के बाद हेडमिस्ट्रेस ने छात्रों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने छात्रा का नाम लिया, जिसके बाद उससे लगातार कई दिनों तक सवाल-जवाब किए गए। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूछताछ का छात्रा की मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ा और क्या इसका घटना से कोई संबंध है।
सुसाइड नोट की जांच, पुलिस सभी पहलुओं पर कर रही पड़ताल
जांच अधिकारियों के मुताबिक, छात्रा द्वारा छोड़े गए कथित सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में उसने खुद को अपमानित और मानसिक रूप से परेशान महसूस करने का जिक्र किया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयान का विश्लेषण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
चोरी की अफवाहों को पुलिस ने बताया निराधार
घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर छात्रा पर चोरी का आरोप लगाए जाने की चर्चाएं सामने आईं। हालांकि पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में चोरी से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया। स्कूल में होमवर्क पूरा न करने पर प्रतीकात्मक जुर्माना लेने की व्यवस्था जरूर थी, लेकिन इसका इस दुखद घटना से कोई संबंध नहीं पाया गया है।
विभागीय जांच भी शुरू, स्कूल प्रशासन से मांगा गया जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। फील्ड एजुकेशन ऑफिसर ने स्कूल पहुंचकर प्रारंभिक जानकारी जुटाई और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की। पुलिस स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, हेडमिस्ट्रेस से भी उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन फिलहाल उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु (UDR) का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्रा की मौत के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही। फिलहाल किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।