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भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी पर नेतन्याहू का जोर, नए वैश्विक गठबंधनों के दिए संकेत

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को एक अहम रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा है कि उनका देश दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ नए गठबंधन विकसित करने पर काम कर रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेदों की चर्चा हो रही है। नेतन्याहू के बयान ने पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीति और भारत-इजरायल संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

भारत के साथ रिश्तों को बताया रणनीतिक प्राथमिकता

एक साक्षात्कार में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल नए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है और भारत इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश की जा रही है। भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में पहले से मजबूत सहयोग मौजूद है, जिसे दोनों देश लगातार विस्तार दे रहे हैं।

अमेरिका-ईरान समीकरण के बीच आया बयान

नेतन्याहू की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के रुख में मतभेदों की खबरें चर्चा में हैं। इजरायली नेतृत्व लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को अपनी सुरक्षा के लिए चुनौती बताता रहा है। वहीं, अमेरिका की कूटनीतिक पहल और संभावित समझौतों को लेकर इजरायल के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से चिंता भी जताई है। हालांकि दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग अब भी मजबूत बना हुआ है।

‘हेक्सागन’ जैसी क्षेत्रीय रणनीति का फिर हुआ उल्लेख

नेतन्याहू पहले भी पश्चिम एशिया और उससे जुड़े क्षेत्रों में समान विचार वाले देशों के बीच व्यापक सहयोग की वकालत कर चुके हैं। उन्होंने इस वर्ष क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को लेकर एक बहुपक्षीय रणनीतिक समूह की अवधारणा रखी थी, जिसे कुछ विश्लेषकों ने “हेक्सागन” रणनीति के रूप में देखा। उनका कहना रहा है कि इस तरह के सहयोग का उद्देश्य आतंकवाद और उग्रवादी संगठनों जैसी साझा चुनौतियों का मिलकर सामना करना है।

पश्चिम एशिया की बदलती कूटनीति पर नजर

हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया में कई नए कूटनीतिक समीकरण उभरे हैं। अलग-अलग देशों के बीच सुरक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग को लेकर नए प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय गठबंधनों और साझेदारियों की यह प्रक्रिया आने वाले समय में और तेज हो सकती है। हालांकि किसी भी प्रस्तावित गठबंधन की अंतिम संरचना और उसमें शामिल देशों को लेकर अभी आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।

भारत-इजरायल संबंध लगातार हो रहे मजबूत

भारत और इजरायल के संबंध पिछले एक दशक में कई क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं। दोनों देश रक्षा सहयोग, कृषि नवाचार, जल प्रबंधन, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्च तकनीक जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय परिस्थितियां इसी तरह विकसित होती रहीं तो दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग भविष्य में और व्यापक हो सकता है।

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