‘मोदी से दोस्ती का मौका हमने गंवा दिया’, शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह का बड़ा बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सलाहकार राणा सनाउल्लाह खान ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में दोनों देशों के रिश्ते सुधारने का महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन पाकिस्तान उसे भुना नहीं सका। उनके अनुसार, तत्कालीन परिस्थितियों में बेहतर कूटनीतिक पहल आगे बढ़ती तो दोनों देशों के संबंध आज अलग स्थिति में हो सकते थे।
‘दोस्ती का अवसर हमने खुद खो दिया’
एक पाकिस्तानी टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान राणा सनाउल्लाह ने कहा कि भारत के साथ रिश्ते बेहतर बनाने का मौका पाकिस्तान के पास था, लेकिन राजनीतिक विरोध और माहौल के कारण वह अवसर हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि आज दोनों देशों के बीच संवाद की स्थिति पहले जैसी नहीं है और इसके लिए पाकिस्तान को भी आत्ममंथन करने की जरूरत है।
2015 की लाहौर यात्रा का किया जिक्र
राणा सनाउल्लाह ने बातचीत में वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक लाहौर यात्रा का अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख किया। उनका कहना था कि उस समय दोनों देशों के बीच संबंधों में सकारात्मक बदलाव की संभावना बनी थी। उन्होंने कहा कि यदि उस दौर की पहल आगे बढ़ती, तो क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती थी।
बैकडोर डिप्लोमेसी पर भी की टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान जब उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रैक-2 या बैकडोर कूटनीति को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस तरह के संपर्क पूरी तरह कभी बंद नहीं हुए। उन्होंने यह भी कहा कि पर्दे के पीछे संवाद की प्रक्रिया समय-समय पर चलती रही है और ऐसे प्रयास भविष्य में भी रिश्ते सुधारने में मददगार हो सकते हैं।
आर्थिक हालात का भी किया जिक्र
राणा सनाउल्लाह ने कहा कि यदि भारत और पाकिस्तान के संबंध बेहतर दिशा में आगे बढ़ते, तो इसका सकारात्मक असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता था। उनके मुताबिक, क्षेत्रीय सहयोग और व्यापार बढ़ने से आर्थिक चुनौतियां कम हो सकती थीं। हालांकि, भारत-पाकिस्तान संबंध कई जटिल मुद्दों से प्रभावित रहे हैं और भविष्य की दिशा दोनों देशों की नीतियों और आपसी संवाद पर निर्भर करेगी।