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जूस बेचने से 6000 करोड़ के कथित ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क तक: कौन है महादेव ऐप का सरगना सौरभ चंद्राकर?

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान में हिरासत में लिए जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है। भारतीय जांच एजेंसियां उसे भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं। कभी भिलाई में जूस बेचने वाला सौरभ आज देश के सबसे चर्चित कथित ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रमुख आरोपी माना जाता है। आइए जानते हैं उसके सफर और पूरे मामले की कहानी।

ओमान में हिरासत, भारत लाने की तैयारी

भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया है। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य एजेंसियां प्रत्यर्पण प्रक्रिया के जरिए उसे भारत लाने की कोशिश कर रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, संगठित अपराध, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर मामलों में कार्रवाई प्रस्तावित है। इससे पहले भी वर्ष 2024 में उसे दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उसे रिहा कर दिया गया था।

जूस बेचने वाले से कथित बेटिंग नेटवर्क तक का सफर

सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। शुरुआती दिनों में वह जूस का कारोबार करता था। बाद में उसका नाम ऑनलाइन बेटिंग कारोबार से जुड़ा और उस पर अपने सहयोगी रवि उप्पल के साथ महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क खड़ा करने का आरोप लगा। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क विदेश से संचालित होकर भारत समेत कई देशों के लोगों को निशाना बनाता था। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन पेमेंट चैनलों और अन्य माध्यमों के जरिए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध लेनदेन किया जाता था।

6000 करोड़ के कथित अवैध कारोबार की जांच

ईडी की जांच के मुताबिक महादेव बेटिंग नेटवर्क केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए बड़े पैमाने पर कथित मनी लॉन्ड्रिंग भी की जाती थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग कर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। एजेंसियों के अनुमान के अनुसार इस कथित नेटवर्क से जुड़े अपराधों की राशि 6000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि इन आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।

आलीशान शादी बनी जांच का बड़ा सुराग

सौरभ चंद्राकर की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुई भव्य शादी भी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सुराग बनी। जांच में दावा किया गया कि शादी में चार्टर्ड विमान, महंगे आयोजन और सेलिब्रिटी कार्यक्रमों पर भारी रकम खर्च की गई। इसी आयोजन के वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान एजेंसियों को कथित नेटवर्क और उससे जुड़े आर्थिक प्रवाह के बारे में कई अहम जानकारियां मिलीं। इसके बाद महादेव ऐप मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

अब आगे क्या होगा?

ओमान में हिरासत के बाद अब सबसे अहम सवाल प्रत्यर्पण प्रक्रिया का है। यदि कानूनी प्रक्रिया पूरी होती है तो सौरभ चंद्राकर को भारत लाकर विभिन्न मामलों में पूछताछ और न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही और अवैध धन का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों से किया गया। मामले की आगे की दिशा अब प्रत्यर्पण और अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।

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