खड़े होते ही आंखों के आगे छाने लगता है अंधेरा? जानिए Orthostatic Hypotension के कारण, लक्षण और बचाव
क्या आपको भी अचानक खड़े होते ही चक्कर आने लगते हैं या कुछ सेकंड के लिए आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है? इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार यह ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (Orthostatic Hypotension) का संकेत हो सकता है, जिसमें अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिर जाता है। समय रहते इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय जानना जरूरी है।
क्या है ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन?
ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन ऐसी स्थिति है, जिसमें बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर तेजी से गिर जाता है। सामान्य स्थिति में शरीर तुरंत रक्त प्रवाह को संतुलित कर देता है, लेकिन इस समस्या में दिमाग तक कुछ समय के लिए पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यही वजह है कि व्यक्ति को चक्कर आने, धुंधला दिखने या आंखों के आगे अंधेरा छाने जैसी परेशानी महसूस होती है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
इस समस्या के प्रमुख लक्षणों में अचानक चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना, आंखों के सामने धुंधलापन या अंधेरा छा जाना, कमजोरी महसूस होना और संतुलन बिगड़ना शामिल हैं। कुछ गंभीर मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। यदि ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
किन कारणों से हो सकती है यह परेशानी?
ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), बढ़ती उम्र, हृदय संबंधी बीमारियां, डायबिटीज, लंबे समय तक बिस्तर पर रहना या कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसलिए बार-बार होने वाली इस समस्या को सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इन आसान उपायों से करें बचाव
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लेटे या बैठे होने के बाद अचानक खड़े न हों। पहले कुछ क्षण बैठें, पैरों को हल्का हिलाएं और फिर धीरे-धीरे खड़े हों। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। एक बार में बहुत भारी भोजन करने के बजाय थोड़ा-थोड़ा भोजन करें, क्योंकि भारी भोजन के बाद भी ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि चक्कर आने की समस्या बार-बार हो रही है, खड़े होने पर गिरने का खतरा महसूस होता है या बेहोशी जैसी स्थिति बनती है, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ब्लड प्रेशर की जांच, दवाओं की समीक्षा या अन्य परीक्षण कर उचित उपचार की सलाह दे सकते हैं।