सोनम वांगचुक के अनशन के बीच वायरल हुआ अभिजीत दीपके का वीडियो, CJP संस्थापक ने दी सफाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन के बीच सोशल मीडिया पर कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उनके खाना खाते दिखाई देने पर कई सवाल उठे। अब दीपके ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि वह भूख हड़ताल में शामिल क्यों नहीं हैं और वायरल वीडियो को किस संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अभिजीत दीपके ब्रेड पकौड़े और नूडल्स खाते नजर आ रहे हैं। इसके बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, तब आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे भोजन क्यों कर रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी सवाल किया कि प्रदर्शन स्थल पर भोजन करना आंदोलन की भावना के विपरीत है। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
दीपके बोले- वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया गया
अभिजीत दीपके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वायरल वीडियो को संदर्भ से हटाकर साझा किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह वीडियो उस समय का है, जब सोनम वांगचुक आंदोलन स्थल पर पहुंचे भी नहीं थे। दीपके के मुताबिक, इस तरह के वीडियो साझा करने का उद्देश्य आंदोलन के मूल मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाना है। उन्होंने इसे एक भ्रामक और अधूरी जानकारी के आधार पर बनाई गई बहस बताया।
‘आंदोलन चलाने के लिए टीम का सक्रिय रहना जरूरी’
दीपके ने बताया कि आंदोलन की रणनीति के तहत केवल सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने का फैसला लिया था। बाकी मुख्य टीम को प्रदर्शन की व्यवस्था, आने वाले लोगों का समन्वय, प्रशासन और पुलिस से संवाद तथा अन्य व्यवस्थाएं संभालने की जिम्मेदारी दी गई। उनके अनुसार यदि पूरी टीम अनशन पर बैठ जाती, तो आंदोलन को व्यवस्थित ढंग से संचालित करना मुश्किल हो जाता।
वांगचुक की सेहत पर भी जताई चिंता
अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह भी किया था, लेकिन वांगचुक अपने निर्णय पर कायम रहे। उन्होंने बताया कि वांगचुक यूरोप में आयोजित एक क्लाइमेट समिट से लौटने के बाद आंदोलन में शामिल हुए थे और उसी समय यह तय किया गया था कि भूख हड़ताल केवल वही करेंगे, जबकि बाकी टीम आंदोलन को सुचारु रूप से चलाने का कार्य करेगी।