बारुईपुर घटना पर ममता बनर्जी का हमला, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कोलकाता में आयोजित एक रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने राज्य की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने विपक्ष की रैलियों में कथित व्यवधान और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी तीखी आलोचना की।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि राजनीतिक गतिविधियों पर प्रशासन का अधिक ध्यान दिखाई देता है। ममता ने दावा किया कि कोलकाता के कई इलाकों में असुरक्षा का माहौल है और आम नागरिकों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या वे ऐसी व्यवस्था की उम्मीद कर रहे थे, जहां अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई के बजाय राजनीतिक टकराव अधिक दिखाई दे।
शुभेंदु अधिकारी पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने Suvendu Adhikari का नाम लेते हुए उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद कानून-व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनके अनुसार, पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और अपराध की घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई की कमी महसूस की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।
रैली और हाईकोर्ट की अनुमति का किया जिक्र
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी रैली को आयोजित करने के लिए अदालत से अनुमति ली गई थी। इसके बावजूद कार्यक्रम के दौरान व्यवधान और तनाव की स्थिति बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन चाहता तो रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकती थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
बारुईपुर की घटना का उल्लेख करते हुए ममता बनर्जी ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए और अपराध के मामलों में निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों से ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। इस दौरान रैली में मौजूद समर्थकों ने भी महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।