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संजू सैमसन को टीम से बाहर नहीं किया गया, BCCI ने बताया रेस्ट देने के पीछे की असली वजह

जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का नाम नहीं होने के बाद सोशल मीडिया पर चयन को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, इस विवाद के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें आगामी व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए आराम दिया गया है।

टीम चयन के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम की घोषणा के बाद सबसे ज्यादा चर्चा संजू सैमसन के चयन न होने को लेकर हुई। कई क्रिकेट प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि नियमित रूप से टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ी को अचानक क्यों नहीं चुना गया। सोशल मीडिया पर इसे चयनकर्ताओं का बड़ा फैसला बताया जाने लगा। हालांकि, बाद में बीसीसीआई की ओर से सामने आई जानकारी ने इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की।

BCCI ने साफ किया- ड्रॉप नहीं, दिया गया है आराम

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि संजू सैमसन को टीम से बाहर नहीं किया गया है। उनके अनुसार, चयनकर्ताओं ने कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देने का फैसला किया ताकि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक अवसर मिल सकें। बोर्ड का मानना है कि यदि सभी अनुभवी खिलाड़ी टीम में रहते तो कई युवा खिलाड़ियों को खेलने का मौका नहीं मिल पाता। इसलिए रोटेशन नीति के तहत यह फैसला लिया गया।

युवा खिलाड़ियों को मिला खुद को साबित करने का मौका

जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम में कई युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। बल्लेबाजी विभाग में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और ईशान किशन को मौका मिला है। वहीं रिंकू सिंह की वापसी भी चर्चा का विषय रही। गेंदबाजी आक्रमण में भी कई नए चेहरों को मौका देकर भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला

बीसीसीआई अधिकारी ने बताया कि चयनकर्ताओं ने आगामी एशियन गेम्स और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए कुछ खिलाड़ियों को विश्राम देने का निर्णय लिया है। उनका कहना था कि संजू सैमसन पहले से ही एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी20 टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं। ऐसे में उन्हें सीमित अवधि का ब्रेक देकर आगामी टूर्नामेंटों के लिए पूरी तरह फिट और तरोताजा रखने की रणनीति अपनाई गई है।

संजू सैमसन को लेकर क्या संकेत देता है यह फैसला?

बीसीसीआई के स्पष्टीकरण से यह संकेत मिलता है कि संजू सैमसन अभी भी टीम प्रबंधन की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चयनकर्ताओं का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना और वरिष्ठ खिलाड़ियों के कार्यभार का संतुलित प्रबंधन करना है। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरे से बाहर रहना उनके करियर पर स्थायी प्रभाव डालने वाला फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे टीम प्रबंधन की रोटेशन और वर्कलोड रणनीति का हिस्सा बताया गया है।

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