दौसा हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, 8 जुलाई को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेंगे नितिन गडकरी
राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद केंद्र और राज्य सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर सक्रिय हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 8 जुलाई को दिल्ली से कोटा तक एक्सप्रेसवे का सड़क मार्ग से निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे हादसे वाले स्थान समेत पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी खामियों और आपातकालीन सुविधाओं की समीक्षा करेंगे।
दिल्ली से कोटा तक करेंगे सड़क मार्ग से निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 8 जुलाई को दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए दौसा होते हुए कोटा तक यात्रा करेंगे। निरीक्षण के दौरान वे एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों, यातायात प्रबंधन, साइनेज, आपातकालीन सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का मौके पर जायजा लेंगे। यदि कहीं भी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी कमियां मिलती हैं तो संबंधित एजेंसियों को उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इस दौरे को हालिया हादसे के बाद सड़क सुरक्षा की समीक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दौसा हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
1 जुलाई को दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक ट्रेलर और बस की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन व्यवस्था, दुर्घटना प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल उठे। इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय मंत्री का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड का सुझाव
दौसा जिला प्रशासन ने एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कई सुझाव दिए हैं। जिला कलक्टर ने एनएचएआई के माध्यम से एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस तैनात करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही तय दूरी पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है, ताकि सड़क दुर्घटना या आग लगने जैसी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार हो रही उच्चस्तरीय समीक्षा
दुर्घटना के बाद राजस्थान सरकार भी लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठकें कर रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने लगातार तीसरे दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संभागीय आयुक्तों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी जिलों में सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस, सार्वजनिक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।
निरीक्षण के बाद सुरक्षा सुधारों पर हो सकता है बड़ा फैसला
नितिन गडकरी के निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली रिपोर्ट और अधिकारियों के सुझावों के आधार पर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जा सकते हैं। उम्मीद है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, बेहतर आपातकालीन सेवाएं, आधुनिक सुरक्षा उपकरण और तेज राहत प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।