Iran Funeral: ईरान में दुनिया का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार? 37 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने की तैयारी
ईरान में मारे गए सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की तैयारियां चरम पर हैं। देशभर में एक सप्ताह तक चलने वाले शोक कार्यक्रम के दौरान करोड़ों लोगों के सड़कों पर उतरने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो 1989 में बने दुनिया के सबसे बड़े अंतिम संस्कार के रिकॉर्ड को ईरान खुद ही तोड़ सकता है।
1.5 से 2 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और उससे जुड़े शोक जुलूसों में करीब 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। इतनी बड़ी भीड़ जुटने पर यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार माना जाएगा।
1989 में बना था दुनिया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
इससे पहले 1989 में ईरान के पहले सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में करीब 1.02 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था। इसी कारण इसे दुनिया के सबसे बड़े अंतिम संस्कार के रूप में दर्ज किया गया।
जब भीड़ में गिर पड़ा था खुमैनी का ताबूत
6 जून 1989 को अंतिम यात्रा के दौरान लाखों लोगों की भीड़ खुमैनी के ताबूत को छूने के लिए उमड़ पड़ी। हालात इतने बेकाबू हो गए कि सफेद कफन में लिपटा उनका शव ताबूत से नीचे गिर गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोकनी पड़ी।
हजारों घायल, कई लोगों की गई थी जान
उस समय की रिपोर्टों के अनुसार, भगदड़ जैसी स्थिति में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए थे। हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवा में गोलियां भी चलानी पड़ी थीं।
दो घंटे में सिर्फ 3 किलोमीटर चल सकी थी शव वाहन
भीड़ इतनी अधिक थी कि शव ले जा रही गाड़ी दो घंटे में केवल 3 किलोमीटर ही आगे बढ़ सकी। खुमैनी को तेहरान से दक्षिण स्थित बहिश्त-ए-जहरा कब्रिस्तान में दफनाया जाना था, लेकिन भीड़ के कारण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। बाद में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
क्या टूट जाएगा 37 साल पुराना रिकॉर्ड?
अब ईरान में अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें 1989 से भी अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। यदि 1.5 से 2 करोड़ लोगों की मौजूदगी दर्ज होती है, तो यह दुनिया के सबसे बड़े अंतिम संस्कार का नया रिकॉर्ड बन सकता है। हालांकि अंतिम संख्या आधिकारिक तौर पर कार्यक्रम पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।