अलवर में आशा सहयोगिनियों का आंदोलन तेज, मिनी सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन
शहीद स्मारक से रैली निकालकर मिनी सचिवालय पहुंचीं आशा सहयोगिनियां
अलवर में लंबित मांगों को लेकर आशा सहयोगिनियों का आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां शहीद स्मारक से रैली निकालते हुए मिनी सचिवालय पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। मिनी सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के चलते कुछ देर तक माहौल गर्म रहा।
प्रदर्शन के दौरान एक आशा सहयोगिनी की बिगड़ी तबीयत
प्रदर्शन के दौरान अचानक एक आशा सहयोगिनी की तबीयत बिगड़ गई। वह मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं ने तुरंत उन्हें संभाला, पानी पिलाया और सुरक्षित स्थान पर बैठाकर राहत पहुंचाई। कुछ देर बाद उनकी तबीयत में सुधार बताया गया। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद महिलाओं में चिंता का माहौल बन गया।
मानदेय, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा की मांग
आशा सहयोगिनियों का कहना है कि वे लंबे समय से कम मानदेय, नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की मांग कर रही हैं। उनका आरोप है कि कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन करने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें उचित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और तेज
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आशा सहयोगिनियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और सरकार से जल्द वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की।