अलवर में पहली बारिश में खुली निर्माण कार्य की पोल, जयपुर मार्ग पर धंसी टाइल्स से बढ़ी परेशानी
अलवर के परशुराम सर्किल से जयपुर मार्ग पर सड़क किनारे कराए जा रहे इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पहली ही बारिश में कई स्थानों पर टाइल्स धंस गईं और जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे ब्राह्मण छात्रावास जाने वाला मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से तकनीकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पहली बारिश में धंसी नई टाइल्स, सामने आई निर्माण की खामियां
जयपुर मार्ग पर यूआईटी द्वारा सड़क किनारे इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। बिना उचित लेवलिंग और ढलान सुनिश्चित किए टाइल्स बिछा दी गईं, जिसके कारण मानसून की पहली बारिश में ही कई स्थानों पर टाइल्स धंस गईं। इससे सड़क किनारे पानी जमा हो गया और पूरे क्षेत्र में जलभराव की समस्या पैदा हो गई।
35 लाख की परियोजना पर उठे गुणवत्ता के सवाल
जानकारी के अनुसार इस निर्माण कार्य के लिए करीब 35 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था। यह मार्ग पीडब्ल्यूडी के राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में आता है, जहां निर्माण कार्य के लिए तय गुणवत्ता मानकों का पालन आवश्यक माना जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां चार इंच मोटी कंक्रीट बेस डाली जानी चाहिए थी, वहां अपेक्षाकृत कम मोटाई की बेस तैयार की गई। इसके अलावा निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
जलभराव से ब्राह्मण छात्रावास का रास्ता हुआ बंद
गलत लेवलिंग के कारण सड़क पर पिछले कई दिनों से पानी जमा है। जलभराव इतना अधिक हो गया कि ब्राह्मण छात्रावास तक जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया। छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए जलभराव वाले रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। लगातार पानी भरे रहने से मुख्य सड़क की डामर परत पर भी असर पड़ने लगा है, जिससे सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
दूसरी ओर भी जारी है उसी तरीके से निर्माण कार्य
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ पहले से बनी टाइल्स धंस चुकी हैं, इसके बावजूद सड़क की दूसरी ओर भी उसी तरीके से निर्माण कार्य जारी है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते तकनीकी सुधार नहीं किए गए तो वहां भी इसी तरह की समस्या सामने आ सकती है। इस कारण स्थानीय लोगों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार असंतोष बना हुआ है।
जिला कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग
मामला अब जिला कलेक्टर तक पहुंच चुका है। स्थानीय नागरिकों ने लिखित शिकायत देकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता की समीक्षा करने और लापरवाही बरतने वाली एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने जयपुर मार्ग पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने और प्रभावित सड़क की मरम्मत जल्द कराने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।