अलवर में जर्जर पानी की टंकी से बढ़ी दहशत, दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
अलवर शहर के दाउदपुर फाटक स्थित जलदाय विभाग की क्षतिग्रस्त पानी की टंकी को लेकर क्षेत्रवासियों में लगातार भय बना हुआ है। करीब दस दिनों से टंकी जर्जर हालत में खड़ी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों का आक्रोश बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
10 दिनों से जर्जर हालत में खड़ी है पानी की टंकी
दाउदपुर फाटक स्थित जलदाय विभाग की पानी की टंकी पिछले दस दिनों से क्षतिग्रस्त अवस्था में है। टंकी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उसके आसपास चेतावनी नोटिस लगाए हैं और पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर क्षेत्र में आवाजाही रोक दी गई है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल सुरक्षा घेरा बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका आरोप है कि विभाग और जिला प्रशासन स्थायी कार्रवाई करने के बजाय केवल औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं।
आसपास रहने वाले परिवारों में हर समय अनहोनी का डर
क्षतिग्रस्त टंकी के बिल्कुल पास आठ से दस मकान बने हुए हैं, जहां रहने वाले परिवार लगातार भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर समय टंकी के गिरने की आशंका बनी रहती है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार सबसे अधिक चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते टंकी को हटाया या सुरक्षित नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित, लोगों को हो रही परेशानी
टंकी क्षतिग्रस्त होने के बाद जलदाय विभाग ने वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था तो की है, लेकिन क्षेत्र के कई घरों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
बाजार और यातायात पर भी पड़ रहा असर
दाउदपुर फाटक पहले से ही शहर के सबसे व्यस्त और जाम वाले क्षेत्रों में शामिल है। अब क्षतिग्रस्त टंकी के कारण इलाके में लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि डर के माहौल के चलते ग्राहकों की संख्या कम हुई है, जिससे कारोबार पर असर पड़ा है। लोगों का मानना है कि जब तक टंकी का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल है।
दो दिन का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर टंकी को हटाने या सुरक्षित करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उनका आरोप है कि प्रशासन किसी संभावित दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, जबकि समय रहते कार्रवाई कर जनहानि को रोका जा सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन लोगों की मांग पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है।