भारत पर फिर पाकिस्तान का आरोप, शहबाज शरीफ बोले- आतंकी गुटों को मिल रहा भारतीय समर्थन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कराची में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी और सशस्त्र गुटों को समर्थन देकर देश की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया गया है और भारत की ओर से इस बयान पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पाकिस्तान इससे पहले भी कई बार इसी तरह के आरोप दोहराता रहा है, जबकि भारत लगातार इन्हें खारिज करता आया है।
कराची में कार्यक्रम के दौरान भारत पर लगाए गंभीर आरोप
कराची में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उनका देश इस समय आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान का “पूर्वी पड़ोसी” उसकी शांति और स्थिरता को कमजोर करने के लिए प्रॉक्सी समूहों का इस्तेमाल कर रहा है। शरीफ ने दावा किया कि भारत अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे तत्वों को बढ़ावा दे रहा है, जो पाकिस्तान की धरती पर हिंसक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया।
भारत को क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए भी ठहराया जिम्मेदार
अपने संबोधन में शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के पीछे भारत की भूमिका है। उन्होंने यह दावा भी किया कि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थ की भूमिका मजबूत हुई है और उसने विभिन्न देशों के बीच संवाद स्थापित कराने में सकारात्मक योगदान दिया है। हालांकि, भारत पर लगाए गए आरोपों और पाकिस्तान की इन बातों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पहले भी भारत पर आरोप लगाते रहे हैं पाकिस्तानी नेता
यह पहला अवसर नहीं है जब पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं ने भारत पर ऐसे आरोप लगाए हों। इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी आरोप लगा चुके हैं कि भारत अफगानिस्तान के जरिए पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को समर्थन दे रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पाकिस्तान के कुछ इलाकों में इस्तेमाल किए गए ड्रोन भारत से जुड़े थे। हालांकि, इन दावों के पक्ष में भी कोई सार्वजनिक और स्वतंत्र रूप से सत्यापित साक्ष्य सामने नहीं आए हैं।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान लंबे समय से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे प्रांतों में सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन क्षेत्रों में कई सशस्त्र संगठन सक्रिय हैं, जो समय-समय पर सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते रहे हैं। पाकिस्तान अक्सर इन घटनाओं के लिए बाहरी समर्थन का आरोप लगाता है, जबकि कई विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनौतियों के पीछे स्थानीय और आंतरिक कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारत लगातार खारिज करता रहा है ऐसे आरोप
भारत पहले भी पाकिस्तान के ऐसे आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताता रहा है। नई दिल्ली का कहना रहा है कि पाकिस्तान को अपने यहां सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वह बिना साक्ष्य के भारत पर आरोप लगाए। ताजा बयान पर भारत सरकार की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।