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अलवर में पीएम विकसित भारत रोजगार योजना का बड़ा आयोजन, 14 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित

अलवर में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम में 2500 कर्मचारियों और 561 संस्थानों को डीबीटी के माध्यम से 14 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया और नए रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

प्रताप ऑडिटोरियम में हुआ क्षेत्रीय कार्यक्रम, पीएम मोदी का लाइव संबोधन देखा गया

अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत क्षेत्रीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। आयोजन में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योग जगत से जुड़े नियोक्ताओं और बड़ी संख्या में युवाओं एवं लाभार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य रोजगार योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ पात्र व्यक्तियों और संस्थानों तक सरकारी लाभों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।

2500 कर्मचारियों और 561 संस्थानों को मिला आर्थिक लाभ

कार्यक्रम के दौरान जिले के लगभग 2500 कर्मचारियों को करीब 1.06 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। वहीं 561 संस्थानों को लगभग 13 करोड़ रुपये का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजा गया। इस प्रकार कुल 14.06 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। इसके साथ ही विभिन्न नियोक्ताओं ने 14 नए लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन रही योजना

जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं को रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके अनुसार यह योजना केवल नौकरियों के अवसर बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को भी सुरक्षित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगार आधारित ऐसी योजनाएं महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं और इससे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिल रही है।

ईपीएफओ अधिकारियों ने बताई योजना की प्रमुख विशेषताएं

ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त प्रथम भूपेंद्र यादव ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना 1 अगस्त 2025 से लागू हुई है और 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले तथा ईपीएफओ में पंजीकृत कर्मचारियों को लाभ दिया जाता है। एक लाख रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दो चरणों में प्रदान की जाती है। पहली किस्त छह माह की सेवा पूरी होने पर और दूसरी किस्त एक वर्ष पूरा होने के बाद जारी की जाती है।

अतिरिक्त रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को भी मिल रही सहायता

योजना के अंतर्गत उद्योगों और संस्थानों को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रत्येक नए कर्मचारी पर नियोक्ता को प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए यह सहायता चार वर्षों तक जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए दो वर्षों तक प्रदान की जाती है। इससे उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन दोनों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचने की संभावना है।

पंजीकरण प्रक्रिया और तकनीकी सुविधाओं पर दिया गया जोर

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शैलेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि नियोक्ता पीएम विकसित भारत रोजगार पोर्टल पर एक बार पंजीकरण कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वहीं पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को उमंग ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) जनरेट करना होगा। कार्यक्रम के दौरान नियोक्ता निकुंज सांगी और कर्मचारी रोहित सिंह ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए योजना को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लिए उपयोगी पहल बताया।

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