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NEET पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं पर CJP का PM मोदी को खुला पत्र, 1 करोड़ मुआवजे की मांग

NEET परीक्षा पेपर लीक विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखकर बड़ा मुद्दा उठाया है। पार्टी ने दावा किया है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की अनिश्चितता के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की है। इसी को लेकर CJP ने मृतक छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

प्रधानमंत्री को लिखा खुला पत्र

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री को संबोधित खुले पत्र में कहा कि NEET पेपर लीक मामले ने देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं का सबसे बड़ा खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। दिपके ने मांग की कि पेपर लीक और उससे जुड़े तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए।

एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

पत्र में CJP ने मांग की है कि जिन परिवारों ने कथित तौर पर परीक्षा विवाद और मानसिक दबाव के कारण अपने बच्चों को खोया है, उन्हें 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। पार्टी का कहना है कि कई परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े स्तर पर कर्ज लिया था। अब बच्चों की मौत के बाद वे आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं।

पिछले सप्ताह कई आत्महत्याओं का दावा

अभिजीत दिपके ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान 11 NEET अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की, जिनमें से 5 मामलों की जानकारी पिछले 48 घंटों में सामने आई। हालांकि इन मामलों के पीछे वास्तविक कारणों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा के दबाव ने छात्रों की चिंता को और बढ़ा दिया है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

पत्र में छात्रों की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई है। CJP का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय नहीं की गई। पार्टी ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई आवश्यक है।

दोबारा परीक्षा और बढ़ता तनाव

NEET परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। बाद में परीक्षा को 21 जून के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। इस फैसले के बाद लाखों छात्र एक बार फिर परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव पहले से ही अधिक होता है और ऐसी परिस्थितियां छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक बोझ डाल सकती हैं।

सीबीआई जांच जारी

पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। देश के विभिन्न राज्यों से इस मामले में कई गिरफ्तारियां और पूछताछ की खबरें सामने आई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित पेपर लीक नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल था।

मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक बहस

NEET विवाद अब शिक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विपक्षी दल परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच CJP की मुआवजे की मांग ने इस बहस को नया आयाम दे दिया है।

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