पार्किंग विवाद में इन्फ्लुएंसर चटोरी रजनी से कथित मारपीट, पुलिस जांच की मांग तेज
दिल्ली में लोकप्रिय फूड इन्फ्लुएंसर चटोरी रजनी ने अपने साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। रजनी का दावा है कि वर्षों से चल रहे पार्किंग विवाद ने हाल ही में हिंसक रूप ले लिया, जिसमें उनके साथ धक्का-मुक्की, बाल खींचने और मारपीट की घटना हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो साझा कर अपनी आपबीती बताई है और मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
लंबे समय से पार्किंग को लेकर चल रहा था विवाद
रजनी के अनुसार जिस पार्किंग स्थान को लेकर विवाद हुआ, वह उनके परिवार को आवंटित जगह है। उनका कहना है कि इस स्थान पर लंबे समय से अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की समस्या बनी हुई थी। उन्होंने इस संबंध में कई बार आरडब्ल्यूए और संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की थी। परिवार का दावा है कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत दस्तावेज और आवेदन भी प्रस्तुत किए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। इसी विवाद ने धीरे-धीरे तनाव का रूप ले लिया।
रात में कार हटाने का आरोप
परिवार का आरोप है कि उन्होंने अपनी कार निर्धारित पार्किंग में लॉक और हैंडब्रेक लगाकर खड़ी की थी। लेकिन रात के दौरान किसी ने वाहन को दूसरी जगह खिसका दिया और वहां दूसरी गाड़ी खड़ी कर दी। अगले दिन जब परिवार नीचे पहुंचा तो उन्हें स्थिति संदिग्ध लगी। इसी को लेकर सवाल पूछे गए, जिसके बाद कथित तौर पर विवाद बढ़ गया। रजनी और उनके पति का कहना है कि वे केवल अपनी पार्किंग को लेकर जानकारी लेना चाहते थे।
बीच-बचाव के दौरान बढ़ा विवाद
रजनी का आरोप है कि बातचीत के दौरान एक अन्य महिला मौके पर पहुंची और माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिवार का दावा है कि उनके पति के साथ भी आक्रामक व्यवहार किया गया। रजनी का कहना है कि जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ धक्का-मुक्की हुई, बाल खींचे गए और मारपीट की गई। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में वह भावुक नजर आईं और घटना को लेकर दुख व्यक्त किया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस में शिकायत, जांच की मांग
घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई और मेडिकल जांच भी कराई गई। पीड़ित पक्ष ने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। परिवार का कहना है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित किए जाएं और मामले की निष्पक्ष जांच हो। उनका दावा है कि फुटेज से पूरी घटना की वास्तविकता सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस उपलब्ध तथ्यों और शिकायत के आधार पर जांच कर रही है।
सोसाइटी के रवैये पर भी उठाए सवाल
रजनी और उनके परिवार ने सोसाइटी प्रबंधन और स्थानीय व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पार्किंग विवाद के बारे में कई लोगों को जानकारी थी, लेकिन किसी ने खुलकर समर्थन नहीं किया। परिवार का आरोप है कि शिकायतों पर केवल औपचारिक कार्रवाई होती रही और समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी से विवाद करना नहीं, बल्कि अपने अधिकार और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सीसीटीवी और जांच रिपोर्ट का इंतजार
अब पूरे मामले में पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किस पक्ष की क्या भूमिका रही। फिलहाल सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।