मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द विवाद: कांग्रेस का BJP पर बड़ा हमला
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि बीजेपी का कहना है कि नामांकन रद्द करना नियमों के तहत सही कदम है क्योंकि हलफनामे में जानकारी छिपाई गई थी। इसी बीच कांग्रेस सांसद अनिल कुमार यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “वोट चोरी के बाद सीट चोरी” करार दिया है।
“बीजेपी पर लगा सीट चोरी का आरोप”
तेलंगाना से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अनिल कुमार यादव ने इस पूरे मामले पर बीजेपी को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी पहले “वोट चोरी” करके सरकार बनाती है और अब “सीट चोरी” करने का काम कर रही है। यादव के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है। कांग्रेस इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बता रही है, जबकि विपक्ष इसे सियासी साजिश के तौर पर देख रहा है।
नामांकन रद्द पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद मामला सिर्फ कानूनी नहीं रहा बल्कि पूरी तरह राजनीतिक टकराव में बदल गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला लोकतंत्र को कमजोर करता है, जबकि बीजेपी का दावा है कि नियमों का पालन नहीं किया गया और इसी वजह से नामांकन खारिज किया गया। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में भी नहीं मिली राहत
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से भी तत्काल राहत नहीं मिली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नामांकन रद्द होने के बाद उम्मीदवार को चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि अब तक ऐसे मामलों में सीधे हस्तक्षेप का कोई उदाहरण नहीं रहा है। इसके बाद कांग्रेस की कानूनी रणनीति को भी झटका लगा है और मामला अब चुनाव आयोग के स्तर पर ही आगे बढ़ेगा।