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ग्वालियर तिघरा डैम हादसा: दो MBBS छात्रों की मौत से हॉस्टल में मातम

ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज के रविशंकर हॉस्टल का रूम नंबर-82 अब सन्नाटे में डूब गया है। जहां कभी दो एमबीबीएस छात्रों के सपने, पढ़ाई और हंसी-ठिठोली गूंजती थी, वहीं अब सिर्फ दर्द और यादें बची हैं। तिघरा जलाशय में पिकनिक के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में दो दोस्तों गोपाल अग्रवाल और आयुष श्रीवास्तव की डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे मेडिकल कॉलेज को गहरे सदमे में डाल दिया है।

हॉस्टल का रूम नंबर-82 बना यादों का सन्नाटा

रूम नंबर-82 अब सिर्फ एक कमरा नहीं बल्कि दो सपने देखने वाले छात्रों की अधूरी कहानी बन गया है। गोपाल और आयुष एक ही कमरे में रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे थे। देर रात तक पढ़ाई, भविष्य की योजनाएं और दोस्तों के साथ हंसी-मजाक उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। हॉस्टल के साथी बताते हैं कि दोनों बेहद मिलनसार और हमेशा साथ रहने वाले दोस्त थे। लेकिन हादसे के बाद यह कमरा अब उनकी यादों और अधूरी उम्मीदों का मौन गवाह बन गया है।

पिकनिक का दिन, जो बन गया आखिरी सफर

शनिवार को मेडिकल कॉलेज के आठ छात्रों का ग्रुप बाइक से तिघरा डैम घूमने गया था। इसमें रविशंकर हॉस्टल के चार छात्र और गंगा हॉस्टल की चार छात्राएं शामिल थीं। सभी दोस्त जलाशय किनारे पिकनिक का आनंद ले रहे थे। बताया जाता है कि गोपाल और आयुष को घूमने का काफी शौक था और वे अक्सर ऐसे ट्रिप्स पर जाते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सामान्य पिकनिक उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी और सब कुछ एक पल में खत्म हो जाएगा।

नहाते वक्त बिगड़ा संतुलन, गहरे पानी में समाए दोस्त

शाम करीब पांच बजे दोनों छात्र नहाने के लिए डैम के पानी में उतरे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी की ओर चले गए। कुछ ही पलों में दोनों आंखों से ओझल हो गए। जब काफी देर तक वे वापस नहीं लौटे तो दोस्तों ने तलाश शुरू की। किनारे पर उनके जूते मिलने के बाद अनहोनी की आशंका गहरा गई और तुरंत तिघरा थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

देर रात तक चला रेस्क्यू, एक शव बरामद

सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। टॉर्च और सर्च लाइट की मदद से देर रात तक तलाश जारी रही। करीब छह घंटे बाद गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया, जबकि आयुष श्रीवास्तव की तलाश रविवार सुबह तक जारी रही। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे मेडिकल कॉलेज को झकझोर कर रख दिया है और हॉस्टल में मातम पसरा हुआ है।

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