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जूनियर अकाउंटेंट की मौत के बाद अफसर ने की आत्महत्या, शादी के कार्ड पर लिखा सुसाइड नोट

राजस्थान के दौसा जिले में दो मौतों से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। सिकराय उप कोषागार में कार्यरत जूनियर अकाउंटेंट की संदिग्ध मौत के बाद हत्या के आरोपों का सामना कर रहे उप कोषाधिकारी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक अधिकारी के पास से एक कथित सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने एक तहसीलदार और उसके रिश्तेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

जूनियर अकाउंटेंट की मौत के बाद बढ़ा विवाद

मामले की शुरुआत 10 जून को हुई, जब सिकराय उप कोषागार कार्यालय में कार्यरत जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया, जहां 11 जून को उनकी मौत हो गई। शीतल के परिजनों ने उप कोषाधिकारी मनोज कुमार मीणा पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया था। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई थी।

अगले ही दिन फंदे पर लटका मिला अधिकारी

हत्या के आरोप लगने के एक दिन बाद ही उप कोषाधिकारी मनोज कुमार मीणा का शव महवा स्थित उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में सनसनी फैला दी, क्योंकि एक ही मामले से जुड़े दो लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

शादी के कार्ड पर मिला कथित सुसाइड नोट

पुलिस को मौके से एक शादी का कार्ड मिला, जिस पर कथित रूप से मनोज कुमार मीणा ने सुसाइड नोट लिखा था। नोट में उन्होंने अपनी आत्महत्या के लिए भुसावर के तहसीलदार अरुण मीणा और उनके रिश्तेदार सोनू मीणा को जिम्मेदार बताया है। नोट पर मृतक के हस्ताक्षर भी बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस नोट की सत्यता और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।

परिवार ने लगाया धमकाने और ब्लैकमेल करने का आरोप

मृतक के भाई विक्रम सिंह मीणा ने महवा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि शीतल मीणा की मौत के बाद तहसीलदार अरुण मीणा और सोनू मीणा लगातार मनोज को धमका रहे थे। उन्होंने दावा किया कि दोनों आरोपी फोन और व्यक्तिगत रूप से दबाव बना रहे थे तथा उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे थे। परिवार के अनुसार 11 जून की रात मनोज ने अपने परिजनों को इन धमकियों के बारे में बताया था और मानसिक रूप से काफी परेशान थे।

आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल, सुसाइड नोट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। दोनों मौतों के बीच किसी प्रकार का संबंध है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

शव लेने से इनकार, अस्पताल में धरना

मनोज मीणा की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन महवा अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मांग की कि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए। परिजनों ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे। इसके चलते अस्पताल परिसर में धरना जारी है।

राजनीतिक हलचल भी तेज

घटना के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला अस्पताल पहुंचकर परिजनों से मिले और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। वहीं विधायक राजेंद्र मीणा ने भी पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन और पुलिस लगातार परिजनों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं।

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