#हेल्थ न्यूज़

मानसून में बढ़ जाता है रैट फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के आसान उपाय

बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया के अलावा रैट फीवर (लेप्टोस्पायरोसिस) का खतरा भी बढ़ जाता है। यह बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है, जो संक्रमित जानवरों, खासकर चूहों के मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। समय रहते पहचान और सावधानी बरतकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

क्या है रैट फीवर और कैसे फैलता है?

रैट फीवर, जिसे चिकित्सकीय भाषा में लेप्टोस्पायरोसिस कहा जाता है, लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया कई जानवरों में पाया जाता है, लेकिन चूहों के जरिए इंसानों तक पहुंचने के मामले अधिक सामने आते हैं। संक्रमित जानवरों का मूत्र जब पानी या मिट्टी में मिल जाता है, तो वहां मौजूद बैक्टीरिया इंसानों के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और संक्रमण फैला सकते हैं।

मानसून में क्यों बढ़ जाता है खतरा?

बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति आम हो जाती है। सड़कों और गलियों में जमा पानी में चूहों के मल-मूत्र के जरिए बैक्टीरिया फैल सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति ऐसे दूषित पानी के संपर्क में आता है और शरीर पर कहीं कट, खरोंच या घाव हो, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आंख, नाक या मुंह के जरिए भी यह बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकता है।

रैट फीवर के प्रमुख लक्षण

इस बीमारी के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे दिखाई देते हैं। तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और आंखों का लाल होना इसके सामान्य संकेत हैं। कुछ मामलों में उल्टी, दस्त और त्वचा या आंखों का पीला पड़ना भी देखा जा सकता है। गंभीर स्थिति में यह संक्रमण किडनी और लिवर को भी प्रभावित कर सकता है।

इन उपायों से करें बचाव

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में गंदे और जमा हुए पानी में चलने से बचना चाहिए। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो वॉटरप्रूफ जूते पहनें और शरीर पर मौजूद घावों को ढककर रखें। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें ताकि चूहों का प्रकोप कम हो सके। साथ ही हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित पानी का ही सेवन करें।

समय पर इलाज है बेहद जरूरी

यदि बारिश के मौसम में तेज बुखार, शरीर दर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से परामर्श और उचित उपचार से इस बीमारी के गंभीर रूप से बचा जा सकता है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *