नौंगावा में सिख युवक से कथित मारपीट का मामला, कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे समाज के लोग
अलवर जिले के नौंगावा क्षेत्र में एक सिख युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद सिख समाज में रोष व्याप्त है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
मंदिर के सामने हुई कथित मारपीट
जानकारी के अनुसार घटना 18 मई की रात करीब 11 बजे लाल दास मंदिर के सामने हुई। आरोप है कि कुछ युवकों ने सिख युवक अंग्रेज सिंह को रोककर उसके साथ मारपीट की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने उसे जमीन पर गिराया, घसीटा और उसके साथ लात-घूंसों से हमला किया। घटना के दौरान उसके कपड़े फटने और चोटें आने का भी दावा किया गया है।
पुलिस को दी गई शिकायत
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने नौंगावा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने और साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे परिवार और समाज में नाराजगी है।
सीसीटीवी फुटेज सौंपने का दावा
सिख समाज के जिला अध्यक्ष कुलवंत सिंह ने बताया कि घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है। उनके अनुसार फुटेज में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। इसके बावजूद कार्रवाई में देरी होने पर समाज ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
पीड़ित ने बताई घटना की पूरी कहानी
पीड़ित अंग्रेज सिंह के अनुसार वह घटना वाली रात अपने रिश्तेदार से मिलने गया था। इसी दौरान कुछ युवकों से उसका सामना हुआ और विवाद के बाद उसके साथ मारपीट की गई। उसने आरोप लगाया कि उसके रिश्तेदार के साथ भी दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। मामले को लेकर पुलिस को विस्तृत शिकायत दी गई है।
गिरफ्तारी की मांग तेज
सिख समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। समाज का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।