अजमेर से दिल्ली आए बुजुर्ग दंपती की होटल हादसे में मौत, बीमार रिश्तेदार का हालचाल लेने गए थे
नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिस्ट स्टे होटल में लगी भीषण आग ने एक ऐसा दिल दहला देने वाला मंजर पेश किया है, जिसने अजमेर के एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। अजमेर के गुलाबबाड़ी इलाके के रहने वाले रिटायर्ड बैंक मैनेजर जवरी लाल अग्रवाल और उनकी पत्नी कमला बीमार रिश्तेदार का हालचाल लेने दिल्ली आए थे, लेकिन वे कभी अपने घर वापस नहीं लौट पाए। इस खौफनाक अग्निकांड में दंपती समेत उनके ससुराल पक्ष के 6 अन्य सदस्यों की जलकर मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद अजमेर में मातम का माहौल है और परिजन सदमे में हैं।
बीमार रिश्तेदार से मिलने के बाद ठहरे थे होटल में
जानकारी के अनुसार, कमला के मायके के एक रिश्तेदार दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती थे। उनका हालचाल लेने के लिए जवरी लाल और कमला 2 जून को अजमेर से दिल्ली पहुंचे थे। अस्पताल में मुलाकात के बाद दोनों और उनके साथ आए अन्य परिजन मालवीय नगर के फ्लोरिस्ट स्टे होटल में ठहरे। बुधवार की रात जब वे होटल में सो रहे थे, तभी अचानक भीषण आग लग गई। धुएं और आग की चपेट में आने से दंपती समेत आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। होटल में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए।
पत्नी का जन्मदिन मनाकर ही दिल्ली पहुंचे थे दंपती
इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि जवरी लाल की पत्नी कमला का जन्मदिन 1 जून को ही था। जवरी लाल ने बड़े ही प्रेम से अपनी पत्नी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। खुशियों के बीच निकले यह दंपती अगले ही दिन दिल्ली के लिए रवाना हो गए, ताकि बीमार रिश्तेदार से मिल सकें। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जन्मदिन की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं और दोनों पति-पत्नी हमेशा के लिए बिछड़ गए। यह घटना परिवार के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
अमेरिका में बसा है बेटा, जयपुर से पहुंची बेटी
जवरी लाल अग्रवाल की बेटी दीपा की शादी जयपुर में हुई है, जबकि उनका इकलौता बेटा सचिन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और अमेरिका में अपने परिवार के साथ सेटल है। हादसे की सूचना मिलते ही बेटी दीपा जयपुर से दिल्ली पहुंच चुकी है, जबकि बेटा सचिन आज अमेरिका से दिल्ली पहुंचेगा। पड़ोसियों ने अमेरिका में बैठे बेटे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बहू सदमे की स्थिति में होने के कारण बात नहीं कर पाई। बाद में बेटी ने रोते हुए बताया कि पहले मां और फिर पिता का शव बरामद हुआ।
अजमेर के गुलाबबाड़ी में पसरा शोक, पड़ोसी भी रहे सहयोगी
जवरी लाल अग्रवाल अजमेर के गुलाबबाड़ी इलाके में वर्ष 2000 से रह रहे थे। उनके पड़ोसी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि दोनों यूको बैंक में मैनेजर थे और 2016 में एक साथ रिटायर हुए। राजेंद्र ने बताया कि जवरी लाल बेहद धार्मिक प्रवृत्ति के और मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी इस दर्दनाक मौत की खबर सुनते ही पूरे गुलाबबाड़ी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन, मित्र और पड़ोसी लगातार दिल्ली से आ रही जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।