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वैभव सूर्यवंशी की उम्र 20, 17 या 15? आईपीएल स्टार पर उम्र धांधली के गंभीर आरोप

मुंबई। आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में तहलका मचाने वाले युवा गेंदबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार उनकी गेंदबाजी के लिए नहीं, बल्कि उनकी उम्र को लेकर उठ रहे सवालों के कारण। ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स पोर्टल फॉक्स स्पोर्ट्स ने एक रिपोर्ट में वैभव की वास्तविक उम्र को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है। कागजों पर जहां वैभव 15 साल के दिखाए जा रहे हैं, वहीं विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी असली उम्र 17 से लेकर 20 साल के बीच बताई जा रही है। यह विवाद भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से चल रहे ‘उम्र धांधली’ के मुद्दे को फिर से हवा दे रहा है।

कागजों में 15, लेकिन दावे हैं 20 साल होने के

विवाद की जड़ यह है कि अलग-अलग स्रोत वैभव सूर्यवंशी की अलग-अलग उम्र बता रहे हैं। क्रिकबज के अनुसार, आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था, जिसके हिसाब से वे वर्तमान में 15 वर्ष के हैं। उन्होंने अपना आईपीएल डेब्यू 19 अप्रैल 2025 को राजस्थान रॉयल्स के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ किया था, जब वे औपचारिक रूप से 14 साल के थे। हालांकि, क्रिकेट एट अल के पत्रकार गिडियन हेग ने दावा किया है कि पिछले साल एक आधिकारिक सवाल के जवाब में वैभव ने खुद अपनी उम्र 19 साल बताई थी, जिसका मतलब है कि वे अब 20 वर्ष के हो चुके हैं। हेग ने लिखा कि उनके पास यह जानकारी एक भरोसेमंद स्रोत से आई है, जिसके झूठ बोलने का कोई कारण नहीं है।

2023 में खुद बोले थे- ‘इस साल 17 के हो जाऊंगा’

उम्र के इस विवाद को और हवा तब मिली जब बीएनएन न्यूज बेनीपट्टी को दिए गए एक इंटरव्यू की पुरानी क्लिप सामने आई। वर्ष 2023 में वैभव सूर्यवंशी ने बताया था कि वह उसी साल सितंबर में 14 वर्ष के हो जाएंगे। यदि इस बात को सही माना जाए, तो गणितीय हिसाब से वैभव को वर्तमान वर्ष में 17 वर्ष का होना चाहिए। यह आंकड़ा उनके आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज उम्र (15 वर्ष) से लगभग 18 महीने ज्यादा है। इस विसंगति ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वैभव के कागजातों में जानबूझकर हेरफेर किया गया है ताकि वे युवा वर्ग में खेल सकें।

पिता का दावा- बोन टेस्टिंग कराई है, किसी से डर नहीं

उम्र धांधली के इन गंभीर आरोपों के बीच वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने अपने बेटे का पुरजोर समर्थन किया है। जब पिछले साल वैभव ने आईपीएल में सबसे कम उम्र में शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया था, तब भी ऐसे ही सवाल उठे थे। उस समय संजीव ने स्पष्ट किया था कि वैभव ने बीसीसीआई द्वारा निर्धारित बोन एज टेस्टिंग (हड्डी परीक्षण) कराई है। संजीव ने बताया कि जब वैभव साढ़े आठ साल का था, तब उसने पहली बार बीसीसीआई में बोन टेस्ट दिया था। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे ने बहुत मेहनत की है। वह इंडिया अंडर-19 के लिए भी खेल चुका है। हमें किसी से डर नहीं है और वह जरूरत पड़ने पर फिर से एज टेस्ट करवा सकता है।”

सोशल मीडिया पर परिवार पर लगे हेरफेर के आरोप

इन सभी दावों-प्रतिदावों के बावजूद, सोशल मीडिया पर वैभव सूर्यवंशी और उनके परिवार पर कड़े आरोप लगाए जा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि कागजातों में हेरफेर करके बच्चों की उम्र कम दिखाई जाती है ताकि वे छोटे आयु वर्ग के खिलाड़ियों के खिलाफ खेल सकें और आसानी से चयनित हो सकें। कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि बीसीसीआई और राज्य संघ राष्ट्रीय सेटअप में अनुभवी खिलाड़ियों के बजाय युवा टैलेंट को तेजी से लाने पर अधिक जोर दे रहे हैं, जिससे सिस्टम में हेरफेर करने का चलन बढ़ा है। इस मामले में पारदर्शिता की मांग की जा रही है ताकि क्रिकेट की पवित्रता बनी रहे।

बीसीसीआई का चिंताजनक खुलासा: भाइयों को भेजा जाता है टेस्ट के लिए

यह विवाद इसलिए भी गंभीर है क्योंकि भारत में युवा क्रिकेटरों द्वारा उम्र में हेरफेर करना कोई नई बात नहीं है। क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और उसके राज्य संघों ने पाया है कि कुछ माता-पिता असली खिलाड़ियों की जगह उनके छोटे भाई-बहनों को बोन टेस्टिंग के लिए भेज रहे हैं। इस धोखाधड़ी के जरिए बड़े खिलाड़ियों की उम्र छोटी दिखाकर उन्हें अंडर-16 या अंडर-19 टीमों में शामिल कराया जाता है। वैभव सूर्यवंशी का मामला इस व्यापक समस्या की ओर इशारा करता है, जिसके समाधान के लिए बीसीसीआई को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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