कमीशन के लालच में चाचा बना साइबर ठगी का साथी, भतीजे के नेटवर्क का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
अलवर जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपने ही भतीजे को गलत रास्ते से रोकने के बजाय कमीशन के लालच में साइबर ठगी के नेटवर्क का हिस्सा बनना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने अपना बैंक खाता और डिजिटल भुगतान सुविधाएं भतीजे को उपलब्ध कराईं, जिनका इस्तेमाल देशभर के लोगों से ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने में किया जाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।
भतीजे की ठगी में चाचा बना मददगार
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मौसम खान का भतीजा फैजान लंबे समय से ऑनलाइन साइबर फ्रॉड गतिविधियों में शामिल था। ठगी से प्राप्त रकम को सुरक्षित तरीके से निकालने और लेनदेन को छिपाने के लिए उसे बैंक खातों की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से उसने अपने चाचा को भरोसे में लिया और बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले कमीशन देने का प्रस्ताव रखा। आरोपी लालच में आ गया और उसने न केवल अपना बैंक खाता बल्कि उससे जुड़े डिजिटल भुगतान साधन भी भतीजे को सौंप दिए, जिससे साइबर अपराधियों को आसानी से रकम का लेनदेन करने का रास्ता मिल गया।
खाते में आती रही ठगी की रकम, मिलता रहा कमीशन
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि लगातार आरोपी के बैंक खाते में जमा की जाती रही। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से रकम को आगे ट्रांसफर या निकाला जाता था। इस पूरे लेनदेन के बदले आरोपी को लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस गतिविधि में शामिल था और उसे यह जानकारी थी कि खाते में आने वाली राशि संदिग्ध स्रोतों से प्राप्त हो रही है। इसके बावजूद आर्थिक लाभ के लालच में उसने इस अवैध गतिविधि को जारी रखा।
कई राज्यों से मिली शिकायतों ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी के बैंक खाते को लेकर देश के विभिन्न राज्यों से साइबर हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज थीं। गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित कई राज्यों में दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान यही बैंक खाता सामने आया। साइबर ठगी के मामलों में पैसे के ट्रेल का विश्लेषण करने पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। विभिन्न शिकायतों को आपस में जोड़ने के बाद स्पष्ट हुआ कि साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई रकम इसी खाते के माध्यम से संचालित की जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
गोविंदगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित मामला नहीं है। जांच में संकेत मिले हैं कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और देशभर के लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है।