जयपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा रैकेट का मास्टरमाइंड निकला हेड कांस्टेबल, दो सहयोगियों संग गिरफ्तार
जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के एक कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में राजस्थान पुलिस के एक हेड कांस्टेबल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी किराए के फ्लैट से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था और दो युवकों को वेतन देकर नेटवर्क चलवा रहा था।
पुलिस कार्रवाई में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा
जयपुर पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का कथित संचालन करने वाला व्यक्ति स्वयं पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। पुलिस ने आरोपी सुमेर सिंह को नागौर जिले के लीलिया गांव से गिरफ्तार किया। जांच के अनुसार, वह जयपुर के बिंदायका क्षेत्र में किराए के फ्लैट से ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहा था। मामले के सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
फ्लैट पर दबिश, दो युवक रंगे हाथ पकड़े गए
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण के अनुसार, 14 जुलाई को सिरसी रोड स्थित एक फ्लैट में ऑनलाइन सट्टेबाजी की सूचना मिलने पर बिंदायका थाना पुलिस ने छापा मारा। मौके से दो युवकों को मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट के जरिए कथित तौर पर लाइव क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने घटनास्थल से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पूछताछ में हेड कांस्टेबल का नाम आया सामने
गिरफ्तार युवकों की पहचान जोधपुर निवासी सुनील चौधरी और डीडवाना-कुचामन के शक्ति सिंह के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि पूरे नेटवर्क का संचालन हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह कर रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी फिलहाल जयपुर रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात था और घटना के समय अवकाश पर चल रहा था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
दो युवकों को वेतन देकर चलाया जा रहा था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल दोनों युवकों को हर महीने करीब 20-20 हजार रुपये वेतन देता था। इसके अलावा रहने और अन्य खर्चों की व्यवस्था भी वही करता था। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी उसके निर्देश पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन करते थे, जबकि आर्थिक लेनदेन का मुख्य नियंत्रण सुमेर सिंह के पास था।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
पुलिस अब इस कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। साथ ही, आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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