बजट सत्र से पहले फिर दिल्ली रवाना हुए CM भजनलाल, राजस्थान के लिए बड़ी सौगातों की उम्मीद
छह महीने में छठा दिल्ली दौरा, विकास परियोजनाओं पर रहेगा फोकस
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक बार फिर दिल्ली दौरे पर रवाना हो रहे हैं। वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में यह उनका छठा दिल्ली दौरा है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। विधानसभा के आगामी बजट सत्र से ठीक पहले हो रहे इस दौरे को राज्य के विकास और केंद्र से सहयोग प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस दौरान कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राजस्थान से जुड़ी लंबित परियोजनाओं और वित्तीय सहायता के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
जल, सड़क और बिजली परियोजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग की कोशिश
इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य राजस्थान के लिए अतिरिक्त संसाधन और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति प्राप्त करना बताया जा रहा है। जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और आधारभूत ढांचे से जुड़े प्रस्तावों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा जा सकता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आगामी बजट सत्र से पहले इन परियोजनाओं पर सकारात्मक प्रगति दिखाई दे, ताकि विकास कार्यों को नई गति मिल सके। पिछले दौरों में भी कई योजनाओं को मंजूरी और वित्तीय समर्थन मिलने की चर्चा रही है।
मार्च से मई तक लगातार सक्रिय रही दिल्ली कूटनीति
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरों की श्रृंखला मार्च से लगातार जारी है। मार्च में उन्होंने दो बार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की थी। अप्रैल में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया गया। मई माह में भी उन्होंने संगठनात्मक बैठकों, पेयजल संकट और विकास योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के मंत्रियों से चर्चा की। इन दौरों को केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि राजस्थान के लिए संसाधन जुटाने और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री के लगातार दिल्ली दौरों का मकसद केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है। इससे न केवल विकास योजनाओं को गति मिलती है, बल्कि केंद्रीय मंत्रालयों के स्तर पर लंबित मामलों के समाधान में भी आसानी होती है। मुख्यमंत्री पहले भी स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जल और सड़क परियोजनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुके हैं। इन बैठकों के जरिए राजस्थान को अधिक निवेश, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और केंद्र की योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है।
क्या इस बार मिलेगी राजस्थान को नई सौगात?
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे से राजस्थान को क्या नई उपलब्धियां मिलती हैं। विधानसभा के बजट सत्र से पहले यदि केंद्र से किसी बड़ी परियोजना, वित्तीय पैकेज या आधारभूत ढांचे से जुड़ी मंजूरी मिलती है, तो उसका सीधा असर राज्य की विकास योजनाओं पर दिखाई देगा। यही कारण है कि इस दौरे को सामान्य राजनीतिक यात्रा के बजाय विकास और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन बैठकों के नतीजे राजस्थान की राजनीति और विकास दोनों के लिए अहम साबित हो सकते हैं।