राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप, अलावलपुर की महिलाओं ने डीलर के खिलाफ खोला मोर्चा
अलवर जिले के रामगढ़ उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसगण के गांव अलावलपुर में राशन वितरण को लेकर ग्रामीण महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को गांव की कई महिलाओं ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को शिकायत पत्र सौंपते हुए राशन डीलर पर मनमानी, भेदभाव और पात्र परिवारों को राशन से वंचित करने के गंभीर आरोप लगाए।
महिलाओं ने अपनी शिकायत में बताया कि पिछले महीने डीलर ने कई महिलाओं के अंगूठे लगवाए, लेकिन उन्हें राशन नहीं दिया गया। इसके बाद मई माह में अप्रैल का राशन तो वितरित कर दिया गया, लेकिन मई महीने का राशन देने से साफ इनकार कर दिया गया। आरोप है कि डीलर ने अपने परिजनों और नजदीकी लोगों को दो-दो माह का राशन दे दिया, जबकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन से वंचित कर दिया गया।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि जब उन्होंने राशन की मांग की तो डीलर ने जून में राशन देने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। इस स्थिति के कारण गांव के कई गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी और आर्थिक तंगी के बीच राशन नहीं मिलने से महिलाओं में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि राशन वितरण में पारदर्शिता का अभाव है और पात्र परिवारों के साथ अन्याय किया जा रहा है। शिकायत करने वाली महिलाओं में हसीना, अफसाना, इक्सीना, साबरा, फरमीना, सकीरा, मकसूद और कैलादेवी सहित अन्य शामिल हैं।
महिलाओं ने एसडीएम से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी राशन डीलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सभी पात्र परिवारों को जल्द से जल्द राशन उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण महिला फरमीना का कहना है “हम लोगों के अंगूठे लगवा लिए, लेकिन राशन नहीं दिया। अब मई का राशन भी नहीं दे रहे, कह रहे हैं जून में मिलेगा। गरीब लोग आखिर क्या खाएं?”