NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा: देशभर में 16 हिरासत में, पहचान छिपाने को आरोपी ने कराया मुंडन
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मामले में अब तक देशभर से 16 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक आरोपी ने पुलिस और एजेंसियों से बचने के लिए अपना मुंडन तक करा लिया, ताकि उसकी पहचान छिपी रहे। इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देशभर में फैला जांच का दायरा
पेपर लीक मामले की जांच अब कई राज्यों तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसियां राजस्थान, बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक 16 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इनमें कुछ कथित दलाल, परीक्षा माफिया से जुड़े लोग और संदिग्ध अभ्यर्थी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र किन माध्यमों से लीक हुआ और इसे कितने छात्रों तक पहुंचाया गया।
पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने बदला हुलिया
जांच में सामने आया है कि एक मुख्य संदिग्ध ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना हुलिया बदल लिया। आरोपी ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर मुंडवा लिया और लगातार ठिकाने बदलता रहा। हालांकि तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच एजेंसियों ने उसे ट्रैक कर लिया। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी नेटवर्क के अन्य लोगों के संपर्क में था और पूछताछ से कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
पेपर लीक नेटवर्क की परतें खुलने लगीं
जांच एजेंसियों को शुरुआती पड़ताल में संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक कथित तौर पर सवाल पहुंचाए गए थे। कई डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि कहीं परीक्षा केंद्रों या सिस्टम से जुड़े लोगों की मिलीभगत तो नहीं थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई तकनीकी और साइबर विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। लाखों विद्यार्थियों ने लंबे समय तक तैयारी की थी, लेकिन इस विवाद के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं मेहनती छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं और परीक्षा प्रणाली में विश्वास कमजोर करती हैं। इसी कारण मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग लगातार बढ़ रही है।
एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी
जांच एजेंसियां अब संदिग्ध बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, छात्रों और अभिभावकों की नजर अब जांच रिपोर्ट और आगे होने वाले सरकारी फैसलों पर टिकी हुई है।