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अलवर में राजपूत समाज का शपथ समारोह, 21 पदाधिकारी बने


अलवर में राजपूत समाज के शपथ ग्रहण समारोह में 21 नए पदाधिकारियों ने जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम में एकता, संगठन मजबूती और राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

शपथ ग्रहण समारोह में दिखा एकजुटता का संदेश

अलवर के अंबेडकर नगर स्थित राजपूत सभा भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह सामाजिक एकता और संगठन शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा। इस कार्यक्रम में समाज के 21 नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने विधिवत शपथ लेकर अपनी जिम्मेदारियां संभालीं। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए, जिससे माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना और नई नेतृत्व टीम के जरिए सामाजिक कार्यों को गति देना रहा। वरिष्ठजनों ने इस अवसर पर युवाओं को समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

अतिथियों का स्वागत, नेतृत्व ने दिए संगठन मजबूती के संदेश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भंवर जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे, जिनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उनके साथ देवी सिंह सहित कई गणमान्य लोग मंच पर मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने समाज के नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की मजबूती पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए आपसी सहयोग और एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत संगठन ही समाज के हितों की रक्षा कर सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर दिशा तय कर सकता है।

असम की राजनीति पर बयान, सरकार पर लगाए आरोप

अपने संबोधन में भंवर जितेंद्र सिंह ने असम की चुनाव प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए उसे शांतिपूर्ण और सफल बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वहां सक्रियता से चुनाव अभियान चलाया और जनता ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रदेश में कथित रूप से कोयला और सुपारी सिंडिकेट का प्रभाव है, जिससे आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मंत्री गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं, जिन पर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी की टिप्पणी

भंवर जितेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि वहां की जनता किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव में नहीं आने वाली है। उन्होंने केंद्र सरकार के नेताओं द्वारा राज्य की मुख्यमंत्री पर दिए जा रहे बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि इसका कोई खास असर जनता पर नहीं पड़ेगा। उनके अनुसार, राज्य की जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है और चुनाव में इसका स्पष्ट परिणाम देखने को मिलेगा।

नए पदाधिकारियों को बधाई, एकजुटता पर जोर

कार्यक्रम के अंत में सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी गई और उनके उज्जवल कार्यकाल की कामना की गई। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने एकजुट होकर आगे बढ़ने और सामाजिक विकास के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही समाज की असली ताकत होती है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने नए नेतृत्व के साथ मिलकर सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

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