जयपुर में सनसनीखेज मर्डर: बातचीत के बहाने बुलाकर पति ने पत्नी की हत्या की
जयपुर के चौमूं थाना क्षेत्र में एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। सात साल से अलग रह रही पत्नी को बातचीत के बहाने बुलाकर सुनसान इलाके में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज और त्वरित पुलिस कार्रवाई से इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई गई।
अंडरपास में मिला शव, इलाके में फैली सनसनी
20 अप्रैल की सुबह टांटियावास टोल प्लाजा के पास अंडरपास में एक महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। महिला के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और आसपास खून फैला हुआ था, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका की पहचान मीनू शर्मा (42) निवासी धोबलाई, गोविंदगढ़ के रूप में हुई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर जांच शुरू कर दी।
CCTV फुटेज से खुला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। रामपुरा डाबड़ी के पास एक डेयरी बूथ पर लगे कैमरे में मृतका अपने पति सतीश शर्मा के साथ दिखाई दी। इस फुटेज ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। परिजनों ने भी वीडियो में दोनों की पहचान की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मानसरोवर स्थित सिद्धार्थ नगर कॉलोनी से आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी साक्ष्य और फुटेज इस केस के खुलासे में अहम साबित हुए।
सात साल से अलग रह रहे थे पति-पत्नी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मीनू और सतीश के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पिछले करीब सात साल से अलग रह रहे थे और मामला तलाक तक पहुंच चुका था। आर्थिक खर्चों और पारिवारिक मतभेदों को लेकर अक्सर झगड़े होते थे। इसी तनाव के चलते आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। यह भी सामने आया कि मृतका अपने पीहर में रह रही थी और पति से उसका संपर्क सीमित था।
बातचीत के बहाने बुलाकर की गई हत्या
आरोपी ने 19 अप्रैल को मीनू को टांटियावास मिलने के लिए बुलाया। जब वह वहां पहुंची तो उसे बाइक पर बैठाकर सुनसान इलाके में ले जाया गया। वहां आरोपी ने पहले उसे धक्का देकर गिराया, फिर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और साड़ी के पल्लू से गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और सीधे अपने घर पहुंच गया, ताकि किसी को शक न हो।
कपड़े खरीदने निकली थी, मौत से हो गई मुलाकात
घटना वाले दिन मीनू अपनी छोटी बहन की शादी के लिए कपड़े खरीदने घर से निकली थी। उसने खरीदे गए कपड़े एक परिचित को देकर खुद टांटियावास चली गई थी, जहां आरोपी पहले से मौजूद था। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द लौट आएगी, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर चिंता बढ़ गई। अगले दिन उसका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सुलझा ब्लाइंड मर्डर
इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन टीमें गठित कीं। एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए और करीब तीन दर्जन पुलिसकर्मी जांच में जुटे रहे। चौमूं थाना प्रभारी हरबेन्द्र सिंह के नेतृत्व में हरमाड़ा थाना और जिला विशेष टीम ने मिलकर काम किया। महज 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे एक ब्लाइंड मर्डर केस का सफलतापूर्वक खुलासा हो सका।