सवाई माधोपुर में मकानों पर गिरी आकाशीय बिजली, तेज धमाके से ढही छतें, बाल-बाल बचे परिवार
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में बुधवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुराने शहर के रैगर मोहल्ले में दो मकानों की छतें तेज धमाके के साथ ढह गईं। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य घर के पिछले हिस्से में सो रहे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
देर रात गिरी आकाशीय बिजली
जानकारी के अनुसार बुधवार रात मौसम अचानक बदल गया। तेज गर्जना और बिजली चमकने के बीच रात करीब 12 बजे आकाशीय बिजली रैगर मोहल्ला निवासी रमेश चंद रैगर और कल्याणमल रैगर के मकानों पर गिर गई।
बिजली गिरने का धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग भी घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
पलभर में ढह गई छतें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली गिरते ही दोनों मकानों की छतें भरभराकर गिर गईं। हादसे के दौरान मकानों के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
रमेश चंद रैगर ने बताया कि परिवार के सभी लोग घर के पीछे वाले कमरों में सो रहे थे। अचानक जोरदार आवाज सुनाई दी और कुछ ही सेकंड में छत ढह गई।
बाल-बाल बची कई जिंदगियां
आकाशीय बिजली गिरने की आवाज से परिवार के लोग घबराकर जाग गए और तुरंत बाहर निकल आए। जिस हिस्से की छत गिरी, वहां उस समय कोई मौजूद नहीं था।
यदि परिवार के सदस्य आगे वाले हिस्से में सो रहे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस कारण सभी लोग मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।
पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारी
हादसे के बाद परिवारों में दहशत का माहौल बन गया। मकानों के क्षतिग्रस्त होने के कारण दोनों परिवारों को पूरी रात घर के बाहर खुले में बितानी पड़ी।
छत गिरने से घरों में रखा घरेलू सामान भी मलबे में दब गया, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ है।
सुबह मौके पर जुटी भीड़
गुरुवार सुबह घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना दी और प्रशासन से मदद की मांग की।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि दोनों परिवारों को प्राकृतिक आपदा राहत के तहत मुआवजा दिया जाना चाहिए।
प्रशासन से सहायता की मांग
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करवाकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।