फिर सुलगा मणिपुर: आधी रात को गोलियों की गूंज, 7 घर जले, 3 लोगों की मौत
मणिपुर में एक बार फिर हिंसा ने लोगों को दहला दिया है। कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात घर जलकर राख हो गए। देर रात हुए इस हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हथियारबंद हमलावरों ने गांव को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने हमला कर दिया। हमले के दौरान कई घरों में आग लगा दी गई, जिससे सात मकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।
कुकी जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने आरोप लगाया है कि हमले में NSCN-IM और उसके कथित सहयोगी संगठन ZUF (K) के कैडर शामिल थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तीन लोगों की दर्दनाक मौत
हमले में जान गंवाने वालों की पहचान:
- लेटखोंगम हाओकिप (34 वर्ष)
- टिनमेरी हाओकिप (30 वर्ष)
- जंगमिनलाल हाओकिप (34 वर्ष)
के रूप में हुई है। तीनों लोइबोल खुल्लेन गांव के निवासी थे।
स्थानीय संगठनों के अनुसार, हमले के समय गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
KIM ने घटना को बताया बर्बर हमला
कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे निहत्थे नागरिकों के खिलाफ हिंसा का बर्बर कृत्य बताया है।
संगठन ने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या और घरों को जलाना मानवाधिकारों तथा मानवीय गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। KIM ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित समुदाय के साथ एकजुटता दिखाई है।
न्याय और सुरक्षा की मांग
घटना के बाद KIM ने भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
संगठन की प्रमुख मांगें:
- हमले की निष्पक्ष और त्वरित जांच
- दोषियों की जल्द गिरफ्तारी
- पीड़ित परिवारों को न्याय
- प्रभावित गांवों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था
KIM ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना बेहद जरूरी है।
मणिपुर में फिर बढ़ी चिंता
मणिपुर पिछले कई महीनों से जातीय और उग्रवादी हिंसा की घटनाओं से जूझ रहा है। समय-समय पर शांति स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन बीच-बीच में सामने आने वाली हिंसक घटनाएं राज्य की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं।
लोइबोल खुल्लेन गांव पर हुआ ताजा हमला एक बार फिर यह दिखाता है कि कई इलाकों में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।