मेरठ हत्याकांड: कोर्ट में मां का फूटा गुस्सा, फांसी की मांग
मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट पहुंची मां का दर्द छलका, आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी के लिए फांसी की सजा की मांग
मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड ने एक बार फिर भावनात्मक मोड़ ले लिया, जब कोर्ट परिसर में मृतक की मां का दर्द गुस्से में बदल गया। उन्होंने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी के लिए सख्त सजा की मांग करते हुए कहा कि उनके परिवार की जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
कोर्ट में मां का दर्द और गुस्सा फूटा
कोर्ट पहुंचते ही सौरभ की मां रेनू देवी अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने फूट-फूटकर रोते हुए कहा कि पिछले एक साल से पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट चुका है। उनका आरोप है कि आरोपी महिला ने उनके घर को उजाड़ दिया। गुस्से में उन्होंने दोनों आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उनका कहना था कि अगर इस मामले में सख्त सजा नहीं हुई, तो ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिलेगा।
‘बेटी मानकर रखा, लेकिन मिला धोखा’
रेनू देवी ने कहा कि उन्होंने आरोपी महिला को बहू नहीं, बल्कि बेटी की तरह अपनाया था। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने कभी परिवार से कोई मांग नहीं की, लेकिन आरोपी की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेश तक गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की के परिवार ने भी उसे छोड़ दिया था, फिर भी उन्होंने उसे अपनाया। अब वही भरोसा उनके लिए सबसे बड़ा दर्द बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह सनसनीखेज वारदात 3 मार्च 2025 की रात की है, जब सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या कर दी गई। आरोप है कि उनकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर हत्या की, शव के टुकड़े किए और उन्हें ड्रम में सीमेंट के साथ छिपा दिया। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार होकर हिमाचल प्रदेश चले गए थे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जांच और सबूतों ने मजबूत किया केस
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी के बीच पहले से संबंध थे। हत्या के बाद दोनों के पार्टी करने और घूमने की खबरों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया। जांच एजेंसियों ने 22 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब मामला अदालत में अंतिम चरण में है, जहां दोनों आरोपी खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।
निष्कर्ष: न्याय की प्रतीक्षा में परिवार
यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने और रिश्तों के बिखरने की कहानी बन चुका है। एक मां अपने बेटे के लिए न्याय की मांग कर रही है, जबकि पूरा परिवार इस दर्दनाक घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, जो इस बहुचर्चित केस का अंतिम सच सामने लाएगा।