आदर्श घोटाले में ‘डबल रोल’ का आरोप: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
राजस्थान के बहुचर्चित आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर पीड़ितों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार न्याय दिलाने के बजाय “डबल गेम” खेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही वकील का आरोपी और सरकार दोनों पक्षों में शामिल होना हितों के टकराव का गंभीर मामला है।
लाखों निवेशकों के साथ धोखे का आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस वार्ता में कहा कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाला प्रदेश के लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से जुड़ा है, जिनकी गाढ़ी कमाई दांव पर लगी। उन्होंने बताया कि 2010 से 2014 के बीच बड़ी संख्या में निवेशकों से हजारों करोड़ रुपये जुटाए गए और बाद में कथित रूप से फर्जी कंपनियों के जरिए इस धन का दुरुपयोग किया गया। जूली ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक घोटाला नहीं बल्कि सामाजिक विश्वास के साथ बड़ा छल है।
‘एक ही वकील, दो पक्ष’—हितों के टकराव का आरोप
जूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता से जुड़ी लॉ फर्म का संबंध इसी घोटाले के एक आरोपी से भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे एक ही लॉ फर्म अलग-अलग अदालतों में आरोपी और राज्य—दोनों पक्षों का प्रतिनिधित्व कर सकती है। उनके अनुसार यह स्थिति न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सीधा सवाल खड़ा करती है और पीड़ितों के साथ गंभीर अन्याय है।
कानूनी नियमों के उल्लंघन का दावा
प्रेस वार्ता में जूली ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम स्पष्ट रूप से वकीलों को विरोधी हितों वाले पक्षों के लिए काम करने से रोकते हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि वकील और मुवक्किल के बीच भरोसा सबसे अहम होता है। यदि एक ही वकील के पास दोनों पक्षों की संवेदनशील जानकारी हो, तो न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता दोनों प्रभावित होती हैं।
सरकार से जवाब और जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए पूछा कि क्या संबंधित वकील ने अपने संभावित हितों के टकराव की जानकारी सरकार को दी थी। उन्होंने कहा कि यदि जानकारी होने के बावजूद नियुक्ति की गई, तो यह पीड़ितों के साथ धोखा है, और यदि जानकारी छिपाई गई, तो सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। जूली ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी जरूरी है।