सीकर में ACB की बड़ी कार्रवाई: मंडी सचिव 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सीकर जिले के नीमकाथाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां कृषि उपज मंडी के सचिव को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी पर दुकानों के लाइसेंस जारी करने के बदले 80 हजार रुपए की मांग का आरोप था। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और मंडी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
लाइसेंस के बदले मांगी जा रही थी मोटी रिश्वत
मामला नीमकाथाना कृषि उपज मंडी का है, जहां मंडी सचिव रणधीर सिंह पर परिवादी से चार दुकानों के लाइसेंस जारी करने के बदले 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा। परिवादी ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को दी थी। शिकायत में बताया गया कि बिना रिश्वत दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी। यह मामला सामने आने के बाद एसीबी ने गंभीरता से जांच शुरू की और प्राथमिक सत्यापन में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।
सुनियोजित ट्रैप में 40 हजार लेते ही दबोचा
एसीबी टीम ने पूरी योजना के तहत ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। तय रणनीति के अनुसार परिवादी ने आरोपी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपए दिए, जबकि शेष राशि अगले दिन देने की बात तय हुई थी। जैसे ही आरोपी ने रकम स्वीकार की, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में सीकर एसीबी इकाई के अधिकारियों के साथ पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
अतिरिक्त प्रभार में थे सचिव, हाल ही में संभाली थी जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार रणधीर सिंह सीकर कृषि उपज मंडी में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे और उनके पास नीमकाथाना मंडी का अतिरिक्त प्रभार भी था। उन्होंने हाल ही में यहां पदभार संभाला था। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही मंडी की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे थे। सूत्रों के मुताबिक, उनके कार्यकाल में सब्जी मंडी को पुराने स्थान से हटाकर कृषि उपज मंडी परिसर में शिफ्ट किया गया, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों में असंतोष की स्थिति बनी हुई थी।
मंडी व्यवस्था पर पहले से उठ रहे थे सवाल
स्थानीय किसानों और व्यापारियों का आरोप है कि कृषि उपज मंडी में अनाज की नियमित खरीद नहीं हो रही थी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मजबूरी में खुले बाजार का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे न केवल किसानों को नुकसान हो रहा था, बल्कि मंडी टैक्स की चोरी की आशंका भी बढ़ रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मंडी में पारदर्शी व्यवस्था नहीं होगी तो राजस्व को भारी नुकसान हो सकता है और किसानों का भरोसा भी कमजोर पड़ेगा।
एसीबी कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप, जांच जारी
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पूरे नीमकाथाना क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। वहीं, आमजन में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देख रहे हैं।