राजस्थान की चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, कई सवाल खड़े
राजस्थान की चर्चित कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। जोधपुर में हुई इस घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक स्तर तक कई सवाल उठने लगे हैं। साध्वी की मौत अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक रहस्य बनती जा रही है।
मौत के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट: समय को लेकर बढ़ा संदेह
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत शाम करीब 5:30 बजे हो चुकी थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से रात करीब 9:28 बजे एक लंबी पोस्ट की गई, जिसे सुसाइड नोट बताया जा रहा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर यह पोस्ट किसने और कैसे डाली।
सुसाइड नोट या सोशल मीडिया मैनिपुलेशन?
इंस्टाग्राम पर डाली गई पोस्ट में भावनात्मक बातें लिखी गई हैं, जिसे कई लोग आत्महत्या से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन मौत के समय और पोस्ट के समय में अंतर ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पोस्ट मोबाइल से की गई या किसी अन्य डिवाइस से।
वायरल वीडियो से सुर्खियों में आई थीं साध्वी प्रेम बाईसा
पिछले साल जुलाई में साध्वी प्रेम बाईसा का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद वह मानसिक तनाव में बताई जा रही थीं। इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। साध्वी का कहना था कि पिता-पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
‘मैं हर अग्नि परीक्षा देने को तैयार हूं’—कहा था साध्वी ने
विवाद के दौरान साध्वी प्रेम बाईसा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह किसी भी तरह की जांच और अग्नि परीक्षा से गुजरने को तैयार हैं। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था और पूरे मामले को साजिश करार दिया था। इसी बयान के बाद वह और ज्यादा चर्चा में आ गई थीं।
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत: डॉक्टर का खुलासा
साध्वी प्रेम बाईसा को उनके पिता और एक अन्य व्यक्ति शाम करीब 5:30 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल के संचालक डॉक्टर प्रवीण जैन ने बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया था कि साध्वी की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
पोस्टमार्टम के बजाय आश्रम क्यों ले गए शव?
डॉक्टरों ने परिवार को शव को एसडीएम अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी थी। लेकिन साध्वी के पिता शव को बोरानाडा स्थित उनके आश्रम लेकर चले गए। प्रशासनिक प्रक्रिया को नजरअंदाज कर शव को आश्रम ले जाना कई संदेहों को जन्म दे रहा है।
पिता की भूमिका पर उठे सवाल
पिता द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए न ले जाकर सीधे आश्रम ले जाना जांच एजेंसियों के लिए भी एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि ऐसा क्यों किया गया और क्या इसके पीछे कोई वजह या दबाव था।
साध्वी की मौत आत्महत्या या गहरी साजिश?
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं लगती। मौत का समय, उसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट, पोस्टमार्टम से दूरी और पुराने विवाद—ये सभी पहलू इस मामले को बेहद संवेदनशील और रहस्यमय बनाते हैं। अब सच क्या है, यह पुलिस जांच और डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएगा।