एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के खिलाफ देशव्यापी मुहिम: प्रधानमंत्री की अपील पर IMA का संकल्प..
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता) के बढ़ते खतरे को लेकर चिकित्सक संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है। इसी क्रम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस चुनौती के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया है।
राजमेडिकोन 2026 के आयोजन अध्यक्ष डॉ. रूप सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को भविष्य के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बताते हुए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया है। इस पर IMA ने निर्णय लिया है कि संगठन देशभर में इस खतरे के खिलाफ अभियान चलाएगा।
जागरूकता अभियान: IMA से जुड़े चिकित्सक मरीजों और समाज के बीच एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाएंगे।
IMA ने सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के खिलाफ इस साझा लड़ाई में आगे आएं और अपने-अपने स्तर पर योगदान दें।
सामूहिक प्रयासों से ही एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के खतरे को कम किया जा सकता है और भविष्य में इसके गंभीर परिणामों से समाज को सुरक्षित रखा जा सकता है।