1 जनवरी से अलवर पुलिस का ‘ऑपरेशन साइबर 2.0’ शुरू, वांटेड अपराधियों और साइबर फ्रॉड गैंग पर होगी कड़ी कार्रवाई
अलवर जिला पुलिस 1 जनवरी 2026 से साइबर अपराधों और वांटेड अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि यह अभियान राज्य स्तर पर चलाए गए ‘ऑपरेशन साइबर व्रज प्रहार’ की निरंतरता में शुरू किया जा रहा है, जिसे ‘ऑपरेशन साइबर 2.0’ नाम दिया गया है।
एसपी चौधरी ने बताया कि साइबर अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर धारा 107 बीएनएस के तहत जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अपराधियों के खिलाफ धारा 111 और 112 बीएनएस के तहत भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कई साइबर ठगी के मामलों में गोपनीयता बरतनी पड़ती है और संवेदनशील मामलों में विशेष सावधानी रखी जाती है। बाहरी राज्यों के आरोपियों को भी संबंधित राज्यों की पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया जाएगा। यदि पीड़ित दूसरे राज्य का है, तो उसकी सुविधा के लिए बयानों की प्रक्रिया वहीं करवाई जाएगी, ताकि उसे अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
एसपी ने बताया कि जिले में 118 टॉप अपराधियों की सूची लगातार अपडेट की जा रही है। गिरफ्तार होने वाले प्रत्येक आरोपी का डिजिटल और बायोमैट्रिक डाटा तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी वारदात में उनकी पहचान तुरंत की जा सके। यह डाटा राज्य स्तर पर भी जोड़ा जा रहा है।
वर्ष 2025 की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि
संपत्ति संबंधी अपराधों में 30% कमी,
शहर क्षेत्र में अपराधों में 33% गिरावट,
चोरी के मामलों में 32% बरामदगी,
लूट के मामलों में 73% बरामदगी दर्ज की गई।
इसके अलावा, 16 बदमाशों की नई हिस्ट्रीशीट खोली गई, जिले में 76 अवैध हथियार और 122 कारतूस बरामद किए गए। ‘साइबर संग्राम’ अभियान के तहत 276 प्रकरण दर्ज, 425 आरोपी गिरफ्तार, और 4 करोड़ से अधिक की राशि बैंकों में होल्ड करवाई गई। करीब 67 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए, जबकि 50 से अधिक म्यूल अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई।
साइबर जागरूकता के तहत स्कूल–कॉलेजों में जाकर 2 लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, वहीं 816 मोबाइल सीआईआर पोर्टल के माध्यम से लौटाए गए। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 1 लाख 12 हजार कार्रवाईयां की गईं। एसपी ने बताया कि महिला अपराधों के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।