दिल्ली शाहदरा स्टेशन पर युवक की हत्या, ट्रेन में चढ़ने से पहले 6–7 लोगों ने लात-घूंसों से किया हमला
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां ट्रेन में चढ़ने से पहले हुए विवाद ने एक यात्री की जान ले ली। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर हुई इस घटना में 6 से 7 लोगों ने मिलकर युवक पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा के रूप में हुई है।
ट्रेन में चढ़ने को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पंकज धामा योगा एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान कुछ सहयात्रियों से उसकी कहासुनी हो गई। मामूली विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने स्टेशन पर ही उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमला अचानक और बेहद आक्रामक था, जिससे पंकज खुद को बचा नहीं सका और गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्लेटफॉर्म पर बेरहमी से पिटाई
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पंकज को प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। हमले के दौरान वह जमीन पर गिर गया, लेकिन आरोपी लगातार मारपीट करते रहे। मारपीट के बाद सभी आरोपी मौके से ट्रेन में सवार होकर फरार हो गए। गंभीर हालत में पंकज को तत्काल जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक पंकज धामा उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला था और दिल्ली में मेट्रो में गार्ड की नौकरी करता था। वह अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद घर लौट रहा था। परिजनों के अनुसार, पंकज मेहनती और शांत स्वभाव का व्यक्ति था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
6–7 हमलावरों पर हत्या का मामला दर्ज
रेलवे पुलिस ने बताया कि इस मामले में 6 से 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। व्यस्त प्लेटफॉर्म पर हुई इस तरह की हिंसक घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा बल मौके पर मौजूद होते, तो शायद इस जानलेवा हमले को रोका जा सकता था।