#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर

AI कंपनी मालिक को हनीट्रैप में फंसाकर 90 लाख वसूले, महिला गिरफ्तार

जयपुर में सामने आए एक हाईप्रोफाइल हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले ने टेक और कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है। जोधपुर की एक महिला पर आरोप है कि उसने एआई सॉफ्टवेयर कंपनी के मालिक से नजदीकियां बढ़ाकर पहले लाखों रुपये वसूले और फिर करोड़ों के प्रोजेक्ट पर कब्जा करने के लिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

इंटर्नशिप के दौरान बढ़ीं नजदीकियां

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला कंपनी में इंटर्नशिप के दौरान पीड़ित कारोबारी के संपर्क में आई थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरोप है कि महिला ने निजी फोटो और वीडियो तैयार किए और बाद में इन्हीं का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया। पीड़ित का आरोप है कि महिला लगातार निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग कर रही थी। मामले के बाद कारोबारी ने महेश नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

पहले भी वसूल चुकी थी 90 लाख रुपये

जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी महिला पहले भी इसी मामले में करीब 90 लाख रुपये वसूल चुकी थी। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में पहले ही चार्जशीट पेश की जा चुकी है। इसके बावजूद आरोपी लगातार दबाव बनाकर और अधिक रकम हासिल करने की कोशिश कर रही थी। पुलिस का कहना है कि मामला सिर्फ पैसों की उगाही तक सीमित नहीं था, बल्कि कारोबारी के बिजनेस और प्रोजेक्ट्स पर भी कब्जा जमाने की साजिश रची जा रही थी।

तीन शर्तों से बनाया दबाव

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महिला ने पीड़ित कारोबारी के सामने तीन बड़ी शर्तें रखीं। पहली शर्त 50 लाख रुपये नकद देने की थी। दूसरी, कंपनी का लगभग 7 करोड़ रुपये का एआई प्रोजेक्ट उसके नाम ट्रांसफर करने की मांग की गई। तीसरी शर्त उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की थी। पुलिस के अनुसार, इन मांगों को लेकर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। कारोबारी ने खुद को फंसता देख पुलिस से मदद मांगी।

पहले भी दर्ज हैं कई मामले

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी महिला के खिलाफ पहले से भी जयपुर के विभिन्न थानों में ब्लैकमेलिंग और उगाही से जुड़े मामले दर्ज हैं। वर्ष 2025 में भी इसी तरह के एक मामले में उस पर गंभीर आरोप लगे थे, हालांकि उस समय उसे अग्रिम जमानत मिल गई थी। अधिकारियों का कहना है कि महिला के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस पूरे मामले में कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय है।

डिजिटल युग में बढ़ता साइबर ब्लैकमेल का खतरा

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल दौर में निजी डेटा और व्यक्तिगत संबंधों का दुरुपयोग किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया, निजी चैट और डिजिटल कंटेंट का गलत इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत कानूनी मदद लेने की अपील की है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *