18 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा, विदेश भागने से पहले एयरपोर्ट पर दबोचा गया इनामी बदमाश
जयपुर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 18 वर्षों से फरार 10 हजार रुपये के इनामी अपराधी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह विदेश जाने की तैयारी में था। आरोपी पर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी करने के आरोप हैं। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
18 साल से फरार आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के वेस्ट जिले द्वारा वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी राकेश कुमार जांगिड़ वर्ष 2008-09 से दर्ज कई मामलों में फरार चल रहा था। उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी थे और उसे पुलिस की टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल किया गया था। लगातार ठिकाने बदलने और पहचान छिपाने के कारण वह वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा, लेकिन खुफिया सूचना के आधार पर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया।
पहचान छिपाने के लिए अपनाया अनोखा तरीका
जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय तक जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग पहचान के साथ रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने ऊपर किसी प्रकार का संदेह न हो, इसके लिए सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बनाए रखी। जांच में यह भी सामने आया कि वह पुलिस अधिकारियों के साथ रील्स बनाकर सामान्य व्यक्ति की छवि पेश करता था, जिससे उसकी वास्तविक पहचान छिपी रही। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उसने यह तरीका कितने समय तक अपनाया और इससे उसे कितना लाभ मिला।
फर्जी जानकारी से बनवाया पासपोर्ट, विदेश भागने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाकर फर्जी विवरण के आधार पर पासपोर्ट बनवा लिया था। बताया गया कि पासपोर्ट सीकर जिले के एक पते से जारी कराया गया। इसके बाद वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जाने की तैयारी कर रहा था। जैसे ही पुलिस को उसकी यात्रा की सूचना मिली, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई और बोर्डिंग से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। आरोप है कि गिरोह नौकरी और वीजा के नाम पर लाखों रुपये वसूल करता था, लेकिन न तो लोगों को विदेश भेजता था और न ही उनकी रकम लौटाता था। इन मामलों में जयपुर के सदर थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य सहयोगियों, वित्तीय लेन-देन और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य केवल पुराने मामलों का निस्तारण ही नहीं, बल्कि यह भी पता लगाना है कि क्या उसने फर्जी दस्तावेजों और नई पहचान के सहारे अन्य राज्यों या विदेश भेजने के नाम पर और लोगों को भी निशाना बनाया। पुलिस उसके साथियों की भूमिका और पूरे गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।