राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले विश्वेंद्र सिंह का फर्जी वीडियो वायरल, बोले- ‘मेरा कोई सरोकार नहीं’
भरतपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर उन्होंने सफाई दी है। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि उनके नाम से प्रसारित किए जा रहे ऐसे वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों और आम लोगों से भ्रामक सामग्री से सावधान रहने की अपील की है।विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि जिला परिषद चुनाव में किसी भी वार्ड से कोई भी उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनके नाम का इस्तेमाल कर कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। उनका इन वीडियो से कोई सरोकार नहीं है।
विश्वेंद्र सिंह ने दी वीडियो पर सफाई
वायरल वीडियो को लेकर सफाई देते हुए विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि जिला परिषद चुनाव में दावेदारी करना हर उम्मीदवार का अधिकार है। उन्होंने अपने नाम से चल रहे वीडियो को लेकर किसी भी तरह की जिम्मेदारी से इनकार किया।उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने वाले सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही कहा कि चुनाव में जीत जनता के समर्थन और आशीर्वाद से तय होती है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की बात
विश्वेंद्र सिंह ने अपने संदेश में चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है।उन्होंने कहा कि जनता जिस उम्मीदवार को समर्थन देगी, वही आगे बढ़ेगा। अपने संदेश के अंत में उन्होंने पारंपरिक अंदाज में ‘राम राम सा’ लिखकर अभिवादन किया।
पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
विश्वेंद्र सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर पर संभावित उम्मीदवार टिकट और समर्थन जुटाने में लगे हैं।ऐसे में किसी बड़े राजनीतिक चेहरे के नाम से जारी होने वाला वीडियो चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। विश्वेंद्र सिंह ने इसी वजह से अपने समर्थकों और आम लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया है।
कांग्रेस में अनुशासनात्मक कार्रवाई का मामला भी चर्चा में
विश्वेंद्र सिंह पहले ही राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के साथ विवाद को लेकर चर्चा में हैं। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कथित अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने उनसे सात दिन में जवाब मांगा है।नोटिस भरतपुर और डीग के कांग्रेस जिला अध्यक्षों की शिकायतों के आधार पर जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पार्टी ने उन पर संगठनात्मक गतिविधियों से दूरी और हालिया निकाय चुनावों में पार्टी गतिविधियों से जुड़े कुछ आरोप लगाए हैं।
डोटासरा से विवाद के बीच सामने आया नया बयान
विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच पिछले दिनों सार्वजनिक बयानबाजी भी हुई थी। सिंह ने पार्टी संगठन और नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। वहीं डोटासरा ने उनके आरोपों से असहमति जताई थी।इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में विश्वेंद्र सिंह के नाम से वायरल वीडियो ने चर्चा को और बढ़ा दिया। हालांकि सिंह ने अब स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है।
वायरल वीडियो को लेकर सतर्क रहने की अपील
विश्वेंद्र सिंह के बयान के बाद चुनावी दौर में सोशल मीडिया सामग्री की सत्यता जांचने की जरूरत भी सामने आती है। किसी नेता के नाम, तस्वीर या आवाज का इस्तेमाल कर तैयार की गई सामग्री को बिना पुष्टि के आगे बढ़ाना भ्रम पैदा कर सकता है।फिलहाल विश्वेंद्र सिंह ने वायरल वीडियो से दूरी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने सभी चुनावी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए जनता के फैसले को सर्वोपरि बताया है।